◾ लगातार बढ़ती नशाखोरी पर किया रोष व्यक्त
◾ गांवों के रास्ते व पेयजल संकट पर हुई चर्चा
◾लोक शक्ति मंच उत्तराखंड के तत्वाधान में जुटी गांवों की महिलाएं
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
लोक शक्ति मंच उत्तराखंड के तत्वाधान में हुए कार्यक्रम में गांवों में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता जताई गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। संयोजक पुष्पा पांडे ने मातृ शक्ति से गांवों में तेजी से पांव पसार रही कुरीतियों को रोकने को गंभीर होने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आगे आने का आह्वान किया।
खाईधार जीआइसी बेड़गांव में लोक शक्ति मंच उत्तराखंड के तत्वाधान में आसपास के गांवों से पहुंची मातृशक्ति ने गांवों में बदहाल स्वास्थ्य सुविधा व शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताई। आरोप लगाया की गांवों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। गांव को जोड़ने वाले रास्ते बद से बद्तर हालत में है। पेयजल संकट एक बड़ी समस्या है। बावजूद अनदेखी की जा रही है। रोजगार के अभाव में युवा पीढ़ी रास्ता भटक रही है। नशाखोरी चरम पर पहुंचती जा रही है। सुविधाओं के अभाव में गांव से पलायन तेजी से बढ़ता जा रहा है। संयोजक पुष्पा पाण्डे ने कहा की जल, जंगल, जमीन बचाने को एकजुट होना होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर आवाज उठानी होगी। नशाखोरी पर अंकुश को सख्ती से कदम उठाए जाने होंगे। मातृशक्ति से एकजुट होने का आह्वान किया गया। स्वरोजगार अपनाने को प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। सर्वसम्मति से तय हुआ की आगामी पांच जून को होने वाला पर्यावरण दिवस डोबा गांव में मनाया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद एबीडीओ गोपाल नेगी तथा ग्राम विकास अधिकारी ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में औलियागांव, बेड़गांव, हरड़े, सड़का, छिपलियां, गडस्यारी, सूरी, पडयूला, ओखिना, पतलिया समेत तमाम गांवों से पहुंची महिलाओं ने भागीदारी की। इस दौरान हंसी देवी, कमला देवी, हेमा देवी, पूजा देवी, दीपा देवी, ललिता कांडपाल, अनीता देवी, आशा देवी, काजल आर्या, प्रेमा आर्या, हरुली देवी आदि मौजूद रहे।
