🔳 लगातार धधक रहे जंगल बावजूद नहीं ली जा रही सुध
🔳 वन संपदा को पहुंच रहा भारी नुकसान फिर भी अनदेखी
🔳 पहाड़ी पर आग लगने से पत्थरो व मलबा गिरने से आवाजाही भी हुई खतरनाक
🔳 क्षेत्रवासियों ने जंगलों को बचाने की उठाई पुरजोर मांग
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक मुख्यालय से सटे गांवो के समीपवर्ती जंगलों में आग की लपटे विकराल होती जा रही है बावजूद वन विभाग की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही। ग्रामीणों ने पिछले तीन दिनों से जंगलों के आग की चपेट में होने के बावजूद वन विभाग की अनदेखी पर गहरा रोष जताया है। भुजान बेतालघाट रोड के उपर लगी आग से गिर रहे पत्थर व मलबे से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है।
कोसी घाटी में आग का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा। एक के बाद एक जंगल आग की चपेट में आकर राख में तब्दील होते जा रहे हैं। ब्लॉक मुख्यालय से सटे घंघरेठी, चड्यूला, सोनली, चंद्रकोट, हरचनोली गांवों के नजदीकी जंगल पिछले तीन दिनों से आग की लपटों की चपेट में हैं। लगातार धधक रही आग अब पड़ोसी ताड़ीखेत ब्लॉक के सौला व जालीखान गांव से सटे जंगल में भी प्रवेश करने लगी है। स्थानीय कुलवंत सिंह जलाल व तारा भंडारी के अनुसार पिछले तीन दिनों से पहाड़ियों पर लगातार आग के धधकने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। आग के कारण पहाड़ी से मलबा व पत्थरों के गिरने से भुजान बेतालघाट रोड पर भी आवाजाही खतरनाक हो चुकी है पर वन विभाग चुप्पी साधे बैठा है। जंगलों की आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचने के साथ ही जंगली जानवरों को क्षति पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है। गांवों के लोगों ने आग पर काबू किए जाने को ठोस उपाय किए जाने की मांग उठाई है।
