🔳 मौसम का बदला मिजाज व कड़ाके की धूप पड़ रही भारी
🔳 सीएचसी गरमपानी में उपचार को पहुंच रहे रोजाना पंद्रह से अधिक बच्चे
🔳 सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी समेत अन्य लक्षणों से हो रहे परेशान
🔳 सीएचसी में उपचार के बाद चिकित्सक बता रहे बचाव के तौर तरीके
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

मौसम का मिजाज बदलने व तापमान में बढ़ोतरी के साथ गर्म हवा के थपेड़ो की जद में आकर बिमार पड़ रहे बच्चों को लेकर अभिभावक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी की ओर रुख करने लगे हैं। हीट वैब की जद में आकर बच्चों और बड़ों को सिरदर्द, बुखार,उल्टी समेत कई अन्य लक्षण सामने आ रहे हैं। सीएचसी की चिकित्सक डा. अभिलाषा पांडे के अनुसार मरीजों को उपचार के साथ ही हीट वैब से बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं।
तराई के साथ ही पहाड़ में भी मौसम के मिजाज में एकाएक बदलाव आ गया है‌। दिन की शुरुआत कड़ी धूप के साथ होने से बच्चे व बड़े तेज धूप के बीच गर्म हवा के थपेड़ो की जद में आकर बिमार पड़ने लगे हैं। अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी में आसपास के क्षेत्रों से रोजाना पंद्रह बच्चें स्वजनों के साथ उपचार को पहुंच रहे हैं। बड़े भी हीट वैब की जद में आकर पस्त पड़ने लगे हैं। अस्पताल पहुंच रहे अधिकांश बच्चे तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी, कमजोरी समेत अन्य लक्षणों से ग्रसित है। अस्पताल में उपचार मिलने के बाद मरीजों को राहत मिल रही है। डा. अभिलाषा पांडे के अनुसार बच्चों व बड़ों को उपचार के साथ ही समुचित मात्रा में पानी पीने, अनावश्यक धूप में न निकलने, फल खाने, डिहाइड्रेशन से बचने को गुलकोज आदि के इस्तेमाल की जानकारी दे हीट वैब से बचने को जागरुक भी किया जा रहा है। बताया की थोड़े ही लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से संपर्क कर समय रहते उपचार शुरु होने से जल्द ही मरीज़ स्वस्थ हो सकता है। वर्तमान में रोजाना अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। डा. अभिलाषा ने लोगों से अहतिआत बरतने की अपील भी की है।

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