🔳 तापमान में बढ़ोतरी से घटने लगा नदियों का जलस्तर
🔳 नदी से बनी सिंचाई व पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने का भी अंदेशा
🔳 पानी से लबालब भरी रहने वाली नदियां नाले में हुई तब्दील
🔳 लगातार घटता जलस्तर लोगों के लिए बना चिंता का कारण
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
बारिश न होने व लगाया तापमान में बढ़ोतरी से उत्तरवाहिनी शिप्रा व जीवनदायिनी कोसी नदी के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। लगातार घट रहे जलस्तर से नदी से बनी पेयजल व सिंचाई योजनाओं के प्रभावित होने का अंदेशा बढ़ गया है। नदियों के घटते जलस्तर से स्थानीय लोग भी चिंतित हैं।
भीषण गर्मी से जहां एक ओर आमजन परेशान हैं वहीं कोसी व शिप्रा नदी का घटता जलस्तर भी चिंता का विषय बन गया है। बारिश न होने तथा लगातार बढ़ते तापमान से शिप्रा व कोसी नदी नाले में तब्दील हो चुकी है। शिप्रा की सहायक रामगाढ नदी में दो सप्ताह पूर्व ही पानी कम होने से रामगाढ़ जल विद्युत परियोजना में उत्पादन तीन गुना घट चुका है। शिप्रा व कोसी नदी का जलस्तर कम होने से अब दोनों नदियों से बनी महत्वपूर्ण सिंचाई व पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। कोसी नदी में उभर चुके डेल्टा लगातार घट रहे जल स्तर की हकीकत बयां कर रहे हैं। जलस्तर कम होने से जलीय जीव जंतुओं का पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। दोनों नदियों की स्थिति से स्थानीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ने लगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहीं हालात रहे तो आसपास के क्षेत्रों में स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों पर भी संकट गहरा सकता है।
