= आपदा के सात माह बाद भी एनएच पर नहीं हो सका कार्य
= पूर्व में भेजा प्रस्ताव फाइलों में फांक में कैद, अब नए सिरे से तैयार होगा प्रस्ताव
= आपदा के वक्त मलबा हटाने का कार्य का भी नहीं हुआ भुगतान
(((ब्यूरो चीफ विरेन्द्र बिष्ट/फिरोज अहमद/सुनील मेहरा/हरीश कुमार की रिपोर्ट)))
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे बदहाली का दंश झेल रहा है। बजट के अभाव में मरम्मत के कार्य नहीं हो सके हैं। आपदा को सात माह बीत जाने के बावजूद केंद्रीय सड़क व भूतल मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिल सकी। विभागीय अधिकारी के अनुसार अब दोबारा प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। आपदा के वक्त एनएच खोलने तथा मलबा हटाने के कार्य का भी करीब साठ लाख रुपये का भुगतान नहीं हो सका है।
कुमाऊ के तमाम जनपदों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे के हालात बद से बदतर हो चुके हैंः आपदा के बाद बमुश्किल हाईवे आवाजाही लायक बनाया जा सका है पर जगह-जगह खतरा मुंह उठाए खड़ा है ऐसे में कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है। एनएच प्रशासन ने हाईवे की मरम्मत के लिए करीब तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव केंद्रीय सड़क व भूतल मंत्रालय नई दिल्ली को भेजा पर बजट को स्वीकृति नहीं मिल सकी जिस कारण हाइवे को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। हालात यह है कि आपदा के वक्त एनएच को खोलने व मलबा सफाई के कार्य का भी करीब साठ लाख रुपये का भुगतान भी अटका पड़ा है। एनएच विभाग के सहायक अभियंता जीके पांडे के अनुसार अब दोबारा प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। सहायक अभियंता के अनुसार भवाली से काकडीघाट तक आपदा के वक्त हुए कार्य का भी भुगतान नहीं हुआ है हालांकि दावा किया है कि जल्द ही बजट मिलने पर एनएच पर सुधारीकरण का कार्य शुरू होगा।
