= शिक्षकों की स्थाई तैनाती न होने से बिगड़ रही शिक्षा व्यवस्था
= लगातार मांग उठाए जाने के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई
= उपेक्षा से आहत ग्रामीण ने किया आंदोलन का ऐलान
(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लाख दावे किए जाए पर धरातल में दावे खोखले साबित हो रहे हैं। बेतालघाट ब्लॉक के हल्सों गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्थाई तथा समुचित शिक्षको के न होने से ग्रामीणों का पारा चढ़ने लगा है। ग्रामीणों ने नियमानुसार शिक्षकों की तैनाती किए जाने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है कि यदि उपेक्षा की गई तो शिक्षा विभाग के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विद्यालयों में शिक्षको की कमी से नौनीहालो का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। नौनीहाल तथा अभिभावक लगातार ग्रामीण क्षेत्रा में शिक्षको की तैनाती की मांग उठा रहे है पर कोई सुनवाई नही हो रही। उपेक्षा किए जाने से अब लोगो का पारा भी चढ़ने लगा है। शिक्षको की कमी से शिक्षा व्यवस्था चरमराने से नौनीहालो का भविष्य भी अंधकारमय होता जा रहा है। बेतालघाट विकासखंड के राजकिय प्राथमिक विद्यालय हल्सों कोरण में भी लगातार हालात बिगड़ते जा रहे है। विद्यालय में करीब चालीस से ज्यादा नौनीहाल बुनियादी शिक्षा ग्रहण कर रहे है पर स्थाई व समुचित शिक्षक न होने से व्यवस्था बिगड़ते जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक न होने से व्यवस्था गड़बड़ा चुकी है कई बार शिक्षकों की तैनाती की मांग की जा चुकी है पर सुनवाई नहीं हो रही। व्यवस्था के तहत दूसरे विद्यालय से शिक्षक भेजे जा रहे है। अभिभावकों व ग्रामीणों ने इसे उपेक्षा करार दिया है। स्थानीय खुशाल सिंह हाल्सी, बचे सिंह, बिशन सिंह, राजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि लोगों ने शिक्षा विभाग से तत्काल विद्यालय में स्थाई व समुचित शिक्षकों की तैनाती की पुरजोर मांग उठाई है। चेताया है कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो फिर शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जाएगा।
