= विदेश में रहने वाले स्वजन ने भेजे पैसे पर दो अंको की गलती से दूसरे खाते में चली गई धनराशि
= सही खाते में धनराशि पहुंचने के बाद ग्रामीण ने ली राहत की सांस

(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

थोड़ी सी लापरवाही ग्रामीण को भारी पड़ गई पर सुरक्षित वापस खाते में पैसे आने पर ग्रामीण ने राहत की सांस ली। बैंक कर्मियों ने हमेशा सही जानकारी के साथ ही बैंक खाते के नंबर का इस्तेमाल करने की अपील की।
मामला सोमवार का है। दरअसल विशालकोट गांव में रहने वाले एसएसबी से अवकाश प्राप्त दीवान सिंह कार्कि के विदेश में रहने वाले स्वजन ने उन्हें विवाह कार्य के लिए 1.38 लाख रुपये की धनराशि बैंक ऑफ बड़ौदा में के खाते में भेजने की बात ही। कुछ ही देर बाद दीवान सिंह कार्की के स्वजन ने उन्हें 1.38 रुपये की धनराशि बैंक ऑफ बड़ौदा की खैरना शाखा में भेजने की जानकारी दी पर खाते में पैसा ना आने पर दीवान सिंह के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन फानन में वह गांव से करीब 16 किलोमीटर दूर बीओबी की खैरना शाखा पहुंचे। बैंक अधिकारियों से पूछताछ में पता चला कि दो अंकों की गलती से वह धनराशि गरमपानी निवासी नीरजा साह के खाते में चले गई है। आनन-फानन में बैंक कर्मियों व दीवान सिंह कार्की ने नीरजा साह से संपर्क साध। नीरजा साह ने भी खाते में पैसा आने का हवाला दिया साथ ही शाखा प्रबंधक को पत्राचार कर उक्त धनराशि को सही खाते में भेजने की बात कही। हरकत में आए शाखा प्रबंधक ने धनराशि को दीवान सिंह के खाते में भेजा। धनराशि मिलने पर दीवान सिंह ने राहत की सांस ली। साथ ही बैक अधिकारियों व नीरजा साह का आभार जताया।