🔳 शिक्षामित्र के भरोसे संचालित सरकारी विद्यालय से हुआ मोहभंग
🔳 नए एडमिशन के बजाय घट गई राजकीय प्राथमिक विद्यालय गैराडी की छात्र संख्या
🔳 छात्र संख्या घटने से विद्यालय के अस्तित्व पर भी मंडराया संकट
🔳 पंचायत प्रतिनिधियों व क्षेत्रवासियों ने विभागीय उपेक्षा पर जताया रोष
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
रामगढ़ ब्लॉक के गैराडी ग्राम पंचायत में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में छात्र संख्या लगातार घटने से विद्यालय के बंद होने की चिंता से पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीण परेशान हैं। विद्यालय के महज एक शिक्षामित्र के भरोसे संचालित होने से अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला कराने को मजबूर हो चुके हैं। शिक्षा विभाग की अनदेखी से क्षेत्रवासियों में गहरा रोष भी व्याप्त है।
गैराडी ग्राम पंचायत में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय उपेक्षा का दंश झेल रहा है। करीब दो माह पूर्व प्रधानाचार्य के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद अब विद्यालय महज एक शिक्षामित्र के भरोसे संचालित है। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को महज एक शिक्षामित्र के भरोसे छोड़े जाने से अभिभावकों को नौनिहालों के भविष्य की चिंता सताने लगी है ऐसे में कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का सरकारी विद्यालय में दाखिला न कराकर निजी विद्यालय की ओर रुख कर लिया है। नए एडमिशन न होने व कुछ बच्चों के अभिभावकों के अपने नौनिहालों के गैराडी विद्यालय से नाम कटा लेने से अब विद्यालय में महज तीन बच्चे शेष रह गए हैं। छात्र संख्या कम होने से विद्यालय के अस्तित्व पर भी संकट गहरा गया है। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद समुचित शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा सकी जिससे अभिभावक अपने नौनिहालों को निजी विद्यालय में दाखिला दिलाने को मजबूर हो गए हैं। छात्र संख्या कम होने से अब विद्यालय के बंद होने की चिंता से क्षेत्रवासी भी परेशान हैं। ग्राम प्रधान दीपा देवी, पनी राम, अर्जुन सिंह, शंकर सिंह, पुष्कर सिंह, पूरन सिंह, धन सिंह, राजेंद्र सिंह, हिमांशु, शंकर राम, नवीन चंद्र, प्रताप राम, जगदीश चंद्र, लाल सिंह, दया लटवाल, राजेंद्र सिंह आदि ने विद्यालय में समुचित शिक्षकों की तैनाती की पुरजोर मांग उठाई है। चेतावनी दी है की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी के अनुसार अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी मतगणना व अन्य कार्यक्रमों में है। गांव के लोगों को भरोसा दिलाया गया है कि ट्रांसफर सीजन शुरु होने के साथ ही विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती की जाएगी।
