🔳 कोसी व शिप्रा नदी के तट पर रहने वाले परिवार किए जाएंगे चिह्नित
🔳 नदियों के उफान से बचाने को उठाए जाएंगे ठोस कदम
🔳 बरसात में सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के किए जाएंगे प्रबंधन
🔳 पूर्व में कोसी व शिप्रा नदी का उफान कर चुका है भारी नुकसान
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
मौसम के लगातार बदल रहे मिजाज को देख श्री कैंची धाम तहसील प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कोसी व शिप्रा नदी किनारे रहने वाले लोगों को संभावित खतरे से बचाने को प्रशासन होमवर्क में जुट गया है। उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या के अनुसार नदी तट के नजदीक रहने वाले परिवारों को चिह्नित कर उनकी सुरक्षा को ठोस कदम उठाए जाएंगे। बरसात में उनके ठहरने के उचित व्यवस्था बनाकर घरों को खाली करने के लिए भी निर्देशित करेंगे।
कोसी घाटी में शिप्रा व कोसी नदी का वेग बरसाती मौसम में कई गुना बढ़ जाता है। चार वर्ष पूर्व मूसलाधार बारिश के बीच उफान में आई शिप्रा नदी ने गरमपानी खैरना क्षेत्र में खूब कहर बरपाया। लगभग आधा दर्जन आवासीय भवन नदी के उफान की भेंट चढ़ गया जबकि कई मकानों को भारी नुकसान भी पहुंचा। मामले की गंभीरता को देख इस वर्ष श्री कैंची धाम तहसील प्रशासन ने कोसी व शिप्रा नदी के तट पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रख रणनीति तैयार करनी शुरु कर दी है। नदी तट पर रहने वाले लोगों पर बरसात में खतरा न मंडराए इसके लिए नदी का वेग बढ़ने पर लोगों को घरों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। लोगों से खुद ही हटने की अपील भी की जाएगी। श्री कैंची धाम तहसील के एसडीएम अनुराग आर्या के अनुसार काकड़ीघाट, नावली, जौरासी, चमड़ियां, लोहाली, खैरना, गरमपानी, दोपांखी समेत अन्य स्थानों पर नदियों के तट पर रहने वाले लोगों को चिह्नित किया जाएगा। अनहोनी न हो इसके लिए पहले ही लोगों की सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था बनाई जाएगी। बताया की रुपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही चिह्निकरण कार्य शुरु कर दिया जाएगा।
