🔳 तमाम गांवों में किया सिंचाई नहरों का स्थलीय निरीक्षण
🔳 रतौडा, खैराली व गैरखाल नहर में सुचारु की गई आपूर्ति
🔳 अन्य सिंचाई नहरों में भी जल्द आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश
🔳 पंचायत प्रतिनिधियों व किसानों ने किया है आंदोलन का ऐलान
[[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]]

बेतालघाट में किसानों के विरोध प्रदर्शन व आंदोलन के ऐलान के बाद सिंचाई विभाग हरकत में आ गया है। विभागीय अफसरों ने बेतालघाट क्षेत्र में ताबड़तोड़ निरीक्षण अभियान चलाकर नहरों का जायजा लिया। कई सिंचाई नहरों में पानी की आपूर्ति सुचारु कर दी गई तथा अन्य नहरों में भी आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश कार्यदाई संस्था को दिए गए। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया की जल्द ही सभी नहरों में पानी सुचारु कर दिया जाएगा।
चार वर्ष पूर्व आपदा से बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में सिंचाई नहरें ध्वस्त हो गई। ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने नहरों के पुनर्निर्माण व मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये के बजट को स्वीकृति दी। सरकारी बजट से सिंचाई विभाग ने बेतालघाट क्षेत्र में क्षतिग्रस्त नहरों को दुरुस्त करने का कार्य शुरु किया पर लंबा समय बीतने के बावजूद सिंचाई नहरों का कार्य पूरा न होने तथा सिंचाई को पानी न मिलने से नाराज किसानों व पंचायत प्रतिनिधियों ने बीते गुरुवार को टैंकरों के जरिए सिंचाई नहरों में पानी डाल विरोध जताया। पानी न मिलने से चौपट हो चुकी खेतीबाड़ी के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा पंद्रह नवंबर तक सिंचाई नहरों में पानी की आपूर्ति न होने पर आंदोलन का ऐलान भी कर दिया। मामले के जोर-शोर से उठने के बाद शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता बीके सिंह, सहायक अभियंता राजेश कुमार आर्या, अपर सहायक अभियंता हरीश भट्ट, अवर अभियंता सत्यजीत सरकार ने बेतालघाट क्षेत्र में सिंचाई नहरों का ताबड़तोड़ निरीक्षण किया। रतौडा, खैराली, गैरखाल सिंचाई नहरों में पानी चलवाया गया। अन्य सिंचाई नहरों में भी कार्यदाई संस्थाओं को जल्द आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए गए। सहायक अभियंता राजेश कुमार आर्या के अनुसार जल्द ही सभी नहरों में आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। इधर पूर्व ग्राम प्रधान शेखर दानी ने फिर चेताया की यदि 15 नवंबर तक सिंचाई नहरों से खेतों तक पानी नहीं पहुंचा तो किसानों को साथ लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया जाएगा।