🔳 हाईवे पर स्थित रामगाढ़ क्षेत्र में ही तीन झरनें करते हैं रोमांचित
🔳 पहुंच मार्ग व अन्य सुविधाएं न होने से पर्यटक दूर से देख लौट जाते हैं वापस
🔳 व्यवस्था चाक चौबंद न होने से पर्यटन गतिविधियों भी है शून्य
🔳 झरनों के आसपास सुविधाएं जुटाने की उठी मांग
🔳 जिला पर्यटन अधिकारी बोले – जल्द करुंगा निरीक्षण
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित रामगाढ़ क्षेत्र में तीन वाटर फॉल पर्यटकों का ध्यान खींच रहे हैं पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध न होने से प्राकृतिक झरने गुमनाम है। झरनों के पहुंच मार्ग व आसपास का क्षेत्र भी बदहाली का दंश झेल रहा है जिस कारण पर्यटन गतिविधियां शून्य है। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि तीनों ही झरनों के आसपास व्यवस्था चाक चौबंद की जाए तो निश्चित रुप से पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
हाईवे पर रामगाढ़ क्षेत्र में पवित्र शिप्रा नदी के पार पहाड़ी पर काफि ऊंचाई से गिरने वाले प्राकृतिक झरने लोगों को रोमांचित कर देते हैं। हाईवे पर आवाजाही करने वाले पर्यटकों का भी ध्यान आकर्षित करते है। कई लोग हाईवे से ही प्राकृतिक झरने का विडियो व फोटो लेते हैं। झरने तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों से जानकारी भी जुटाते हैं पर पहुंच मार्ग के खस्ताहाल होने से उन्हें मायूस होना पड़ता है। निराशा में पर्यटक वापस लौटने को विवश हो जाते हैं। समीप ही जल विद्युत परियोजना के ठिक ऊपर थुआ की पहाड़ी से गिरने वाला झरना भी एक अलग ही छाप छोड़ता है बावजूद अलौकिक सौंदर्य समेटे प्राकृतिक झरने गुमनामी का शिकार हो चुके हैं। आज तक जिम्मेदारों के सुध न लेने से स्थानीय लोगों में निराश भी। स्थानीय कारोबारी गोधन सिंह बर्गली के अनुसार झरनों को देख रोजाना कई पर्यटक रुकते हैं पर रास्ते की बदहाली व झरनों के आसपास बड़ी बड़ी झाड़ियों से पर्यटकों को झरने की ओर जाने से मना करना पड़ता है। कहा की यदि व्यस्थाओं को चाक चौबंद कर दिया जाए तो निश्चित ही पर्यटन गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी होगी साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो सकेंगा। आरोप लगाया की पूर्व में भी कई बार आवाज उठाई जा चुकी है पर आज तक सुध नहीं ली जा सकी है जबकि दावे पर्यटन प्रदेश के किए जाते हैं। स्थानीय लोगों ने पर्यटन विभाग से तीनों ही प्राकृतिक झरनों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने पर जोर दिया है। जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी के अनुसार जल्द ही तीनों झरनों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। यदि झरने आकर्षित करने योग्य है तो निश्चित ही पर्यावरण को ध्यान में रख रास्ते व आसपास की स्थिति में सुधार को कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रयास किया जाएगा की क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
