🔳 कुवैत में निजी कंपनी में है कार्यरत, रामलीला में प्रतिवर्ष पहुंचते हैं गांव
🔳 परशुराम व मेघनाद का अभिनय कर दर्शकों को करते हैं मंत्रमुग्ध
🔳 कलाकारों के उत्साहवर्धन में भी रहते हैं आगे
🔳 मंच तथा मंच के पीछे भी निभाते हैं सक्रिय भागीदारी
🔳 देशसेवा के बाद अब राम सेवा में आगे है लक्ष्मण व हरीश

[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के तल्ला बर्धो गांव की सुप्रसिद्ध रामलीला में परशुराम व मेघनाद का किरदार निभाने वाले त्रिभुवन सात समुंदर पार से प्रतिवर्ष गांव पहुंचते हैं। रामलीला के प्रति उनके समर्पण से मंचन में अभिनय कर रहे अन्य कलाकारों का भी उत्साहवर्धन होता है। त्रिभुवन पूर्व में रामलीला कमेटी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

गांवों में रामलीला मंचन की धूम मची है। तल्ला बर्धो के कोश्लेश्वर मंदिर परिसर में होने वाली रामलीला के लिए दो महीने से कलाकारों को दक्ष करने के लिए तालिम शुरु हो जाती है। रामलीला मंचन में मेघनाद व परशुराम का अभिनय करने वाले गांव के त्रिभुवन मेहरा कुवैत में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। रामलीला के प्रति उनका समर्पण गौरवान्वित करने वाला है। त्रिभुवन प्रतिवर्ष रामलीला के दौरान सात समुंदर पार से अपने गांव बर्धो पहुंच जाते हैं। लगातार मंच पर अलग अलग भूमिका अदा करने वाले त्रिभुवन को बगैर तालिम के शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। खास बात यह है की पूर्व में वह रामलीला कमेटी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। त्रिभुवन कहते हैं की उनका कुवैत से आकर अभिनय करना उतना मायने नहीं रखता जितना गांव के लोगों का सीमित संसाधनों व लगातार बदल रहे दौर में भी रामलीला मंचन की परंपरा को आगे बढ़ाना है। रामलीला कमेटी के वर्तमान अध्यक्ष व पूर्व ग्राम प्रधान हरीश मेहरा कहते हैं की त्रिभुवन प्रतिवर्ष रामलीला मंचन पर गांव पहुंचकर अभिनय तो करते ही हैं अन्य कलाकारों का उत्साह भी बढ़ाते हैं।

देशसेवा के बाद अब राम सेवा में आगे है लक्ष्मण व हरीश

तल्ला बर्धो की रामलीला में भारतीय सेना में सेवा देने वाले जांबाज जवान भी बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रहे हैं। देश सेवा के बाद अब रामसेवा करने में जुटे हुए हैं। गांव के लक्ष्मण सिंह भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद अब कैप्टन पद से अवकाश प्राप्त होकर अब रामलीला कमेटी सदस्य के रुप में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। लक्ष्मण सिंह मेहरा के पास पात्रों को मिले ईनाम व रामलीला कमेटी को प्राप्त चंदे की घोषणा की जिम्मेदारी है जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं। वहीं कुछ दिन पहले ही सेवा से सेवानिवृत्त होकर गांव लौटे हरीश सिंह तबले पर सेवा दे रहे हैं। हारमोनियम की धुन के साथ तबले की थाप से संगत देकर रामकाज में जुटे हुए हैं। लक्ष्मण सिंह मेहरा व हरीश सिंह के अनुसार उन्हें जो जिम्मेदारी रामलीला कमेटी ने सौंपी है उसमें सौ प्रतिशत खरा उतरना उनका कर्तव्य है।