◾मरीजों की संख्या भविष्य के लिए चुनौती
◾विभाग का दावा लगातार जांच तेज होने से मिल रहे मरीज
◾समुचित उपचार व दवाइयां कराई जा रही उपलब्ध
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

बेतालघाट ब्लॉक में टीबी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जो चिंता का विषय है हालांकि विभागीय अधिकारियों के अनुसार लगातार अभियान चलाने से अब संक्रमितो की पहचान हो रही है। जागरूकता की कमी से लोग बिमारी को छुपाते हैं। सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर के अनुसार मरीजों की जांच व समुचित उपचार दिया जा रहा है। टीबी मरीज के कांटेक्ट हिस्ट्री वाले मरीजों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
पहाड़ों की शुद्व आबोहवा में भी टीबी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अकेले बेतालघाट ब्लॉक में ही तकरीबन 58 लोग टीबी से ग्रसित हैं। गांव-गांव लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत समुचित दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। टीबी मरीजों का आंकड़ा बढ़ने से चिंता बढ़ना भी लाजमी है। सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर रोहित कुमार आर्या के अनुसार बेहतर आहार न लेने व तंबाकू का सेवन इसका बड़ा कारण है। जागरुक न होने से लोग बिमारी को छुपाते हैं जिससे अन्य लोग भी संक्रमण की जद में आते हैं। लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पूरे ब्लॉक में गांव गांव विशेष अभियान चलाया जा रहा हैं। रोहित ने लोगों से टीबी से संबंधित लक्षण पाए जाने पर जांच का आह्वान किया है।

टीबी के लक्षण

तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी होना, सांस फूलना, सांस लेने में तकलीफ होना, शाम के दौरान बुखार का बढ़ जाना, सीने में तेज दर्द होना, अचानक से वजन का घटना, भूख में कमी आना, बलगम के साथ खून आना टीबी के मुख्य लक्षण है।