🔳 मातृशक्ति ने बनाई शराब विरोधी आंदोलन की रणनीति
🔳 रातीघाट में शराब की दुकान बर्दाश्त न करने का ऐलान
🔳 महिला समूह से जुड़ी महिलाओं ने बैठक कर जताया रोष
🔳 दुकान खोलकर गांवों का माहौल बिगाड़ने का लगाया आरोप
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर रातीघाट क्षेत्र में शराब की दुकान का विरोध तेज हो गया है। अलग अलग गांवों में हुई महिलाओं की बैठक में तय हुआ की यदि शराब की दुकान खुलवाई गई तो आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। मातृशक्ति ने दो टूक कहा की शराब की दुकान कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मनमानी कर दुकान खोली गई तो दुकान के बाहर बैठकर धरना दिया जाएगा।
सोमवार को स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने कफूल्टा, रातीघाट, घूना समेत आसपास के तमाम गांवों में बैठक कर रातीघाट क्षेत्र में सरकारी शराब की दुकान के खिलाफ रोष जताया। आरोप लगाया की लगातार विरोध के बावजूद दुकान को निरस्त नहीं किया जा रहा जबकि अल्मोड़ा में जिलाधिकारी कई दुकानों का आवंटन रद्द कर चुके हैं। महिलाओं ने एक स्वर में कहा की यदि दुकान खुलवाई गई तो आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया जाएगा। शराब की दुकान से स्कूली बच्चों पर गलत असर पड़ने, गांवों का माहौल खराब होने के साथ ही अराजकता का अंदेशा जताया। सर्वसम्मति से तय हुआ कि यदि जोर जबरदस्ती से दुकान खुलवाई गई तो फिर दुकान के बाहर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया जाएगा। मातृशक्ति ने विभिन्न राजनीतिक, गैर-राजनीतिक व विभिन्न संगठनों से भी शराब विरोधी आंदोलन में भागीदारी का आह्वान किया। इस दौरान ललिता जोशी, नीमा भट्ट, नीमा जोशी, पार्वती भट्ट, हेमा देवी, सुनीता देवी, लीला जोशी, चंद्रा जोशी, राधा देवी, हंसी देवी समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं।
