🔳 चाय विकास बोर्ड की टीम ने जमीनों का लिया जायजा
🔳 किसानों की कृषि भूमि से जुटाए गए मिट्टी के नमूने
🔳 भवाली स्थिति प्रयोगशाला में होगी मिट्टी की जांच
🔳 चाय नर्सरी व बागान स्थापित किए जाने की तैयारी शुरु
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के लोहाली गांव को चाय उत्पादन के क्षेत्र में पहचान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। चाय विकास बोर्ड के कर्मचारियों ने गांव पहुंचकर पहले चरण में मिट्टी जांच को सैंपल जुटाए। भवाली स्थिति प्रयोगशाला में मिट्टी जांच के बाद गांव में चाय को पौधों की नर्सरी व बागान स्थापित किए जाने को विभाग कदम आगे बढ़ाएगा। उम्मीद है की करीब पचास हेक्टेयर से भी अधिक भूमि पर चाय नर्सरी व बागान स्थापित किए जाएंगे।
चाय विकास बोर्ड घोड़ाखाल के कर्मचारियों ने अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटे बेतालघाट ब्लॉक के लोहाली गांव पहुंचकर चाय नर्सरी व बागान स्थापित किए जाने को लेकर गांव के किसानों की कृषि भूमि की मिट्टी के नमूने एकत्र किए। ग्रामीणों की मांग पर चाय बोर्ड घोड़ाखाल के प्रबंधक नवीन पांडे के निर्देश पर बोर्ड की टीम के सदस्यों ने गांव पहुंचकर किसानों को कई अहम जानकारियां भी दी। किसानों की कृषि भूमि से अलग अलग स्थानों पर मिट्टी एकत्र कर जांच को भवाली स्थिति मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के लिए ले जाया गया। घोड़ाखाल से पहुंचे कर्मचारियों ने बताया की मिट्टी के चाय उत्पादन में उपयुक्त पाए जाने पर दूसरे चरण का कार्य शुरु कर नर्सरी व बागान स्थापित किए जाने की तैयारी शुरु कर दी जाएगी। बाग़ान व नर्सरी स्थापित होने से गांव के लोगों को भी गांव में ही रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। गांव के किसानों ने बोर्ड के कर्मचारियों को भी हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने चाय उत्पादन के क्षेत्र में लोहाली गांव को प्राथमिकता दिए जाने पर चाय विकास बोर्ड के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान फिल्ड सहायक बेतालघाट गोपाल सिंह अधिकारी, सहायक सुपरवाइजर मदन सिंह, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह बिष्ट, बालम सिंह बिष्ट, कैलाश चंद्र, रतन सिंह, पूरन सिंह नेगी, दलिप सिंह, मनमोहन सिंह, भरत भट्ट, मोहन चंद्र सुयाल समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
