🔳 आरटीआई कार्यकर्ता ने शिकायती पत्र देकर उठाई कार्रवाई की मांग
🔳 बिल्डरों को चोरी के पत्थर व रेत बेचने का लगाया आरोप
‌🔳 वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
🔳 तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के धनियाकोट व आसपास के गांवों के सैकड़ों परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने वाले प्राकृतिक जल स्रोत पर संकट गहरा गया है। क्षेत्र के आरटीआई कार्यकर्ता ने एसडीएम को शिकायती पत्र भेज अवैध खनन में लिप्त तस्करों से प्राकृतिक जल स्रोत को बचाने की गुहार लगाई है। आरोप लगाया की वन संपदा को नुकसान पहुंचाए जाने के बावजूद वन विभाग की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही।
शनिवार को आरटीआई कार्यकर्ता कृपाल सिंह मेहरा ने श्री कैंची धाम तहसील की उपजिलाधिकारी मोनिका को ज्ञापन सौंप बताया कि मल्लाकोट, तल्लाकोट व पनौराकोट के सैकड़ों परिवारों को धनियाकोट गधेरे में स्थित प्राकृतिक जल स्रोत से पानी उपलब्ध होता है पर लंबे समय से गधेरे में खनन तस्कर सक्रिय होने से प्राकृतिक जल स्रोत को नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। पत्र के माध्यम से बताया की खनन तस्कर गधेरे से पत्थर व उपखनिज निकालने को बेतरतीब खदान में जुटे हुए हैं। खुलेआम धड़ल्ले से हो रहे खदान से प्राकृतिक जल स्रोत को नुकसान होने का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। खनन तस्कर बजेडी व आसपास बिल्डरों को उपखनिज व पत्थर बेच राजस्व की भी खुलेआम चोरी कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। आरटीआई कार्यकर्ता ने उपजिलाधिकारी से खनन पर अंकुश लगाकर गांवों के महत्वपूर्ण जल स्रोत को बचाने की गुहार लगाई।