🔳 भियालगांव की प्रधान को लौटाया 60 हजार रुपये की लागत का झुमका
🔳 रेंज कार्यालय लौटते समय वनकर्मियों को जमीन में गिरा मिला
🔳 इंटरनेट प्लेटफार्म पर सूचना जारी होने के बाद रेंज कार्यालय पहुंची प्रधान
🔳 वन क्षेत्राधिकारी ने वनकर्मियों को दिया इनाम
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

उत्तरी गोल रेंज में तैनात वन कर्मियों ने ईमानदारी की जीती जागती मिसाल पेश की है। फायर ड्रिल के बाद रेंज कार्यालय लौट रहे कर्मचारियों को लगभग 60 हजार रुपये की लागत का सोने का झुमका गिरा मिला। वन कर्मियों ने ईमानदारी का परिचय दे झुमके को वन क्षेत्राधिकारी को सौंप दिया। इंटरनेट प्लेटफार्म पर सूचना जारी होने के बाद कार्यालय पहुंची भियालगांव ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान को उनका खोया हुआ झुमका सौंप दिया गया। ग्राम प्रधान ने वनकर्मियों की ईमानदारी की सराहना की।
उत्तरी गौला रेंज में तैनात वन कर्मी पंकज रैक्वाल व कुंदन कुमार ने साबित कर दिया की ईमानदारी अभी जिंदा है।‌ बीते शाम दोनों वन कर्मी फायर ड्रिल के बाद वापस रेंज कार्यालय नथुआखान की ओर रवाना हुए। रास्ते में उन्हें एक झुमका गिरा मिला। सोने की धातु से बने होने के अंदेशे से वन कर्मियों ने मामले की सूचना वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट को दी तथा झुमका भी सौंप दिया। आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने के साथ ही इंटरनेट प्लेटफार्म पर भी जानकारी साझा की। जानकारी मिलने पर रामगढ़ ब्लॉक के भियालगांव की ग्राम प्रधान चंदुलता रेंज कार्यालय पहुंची तथा दूसरे कान का झुमका दिखाकर एक झुमका को जाने की जानकारी दी। दोनों झुमकों के मिलान से वन कर्मियों को मिला झुमका ग्राम प्रधान का होने की पुष्टि हुई। ग्राम प्रधान ने झुमके की कीमत लगभग 60 हजार रुपये के आसपास बताई। खोए हुए झुमके के सुरक्षित मिलने पर वन कर्मियों का आभार व्यक्त किया। वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने भी दोनों वनकर्मियों को ईनाम देने की घोषणा की। वन कर्मियों की ईमानदारी की आसपास के क्षेत्रवासियों ने भी सराहना की है।

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