🔳 मोना क्वारब मार्ग से सुयाल नदी की ओर डाल दिया गया है भारी मलबा
🔳 बारिश में मलबा नदी में बहकर खड़ी कर सकता है बड़ी मुसीबत
🔳 मलबे ने रोका नदी का वेग तो आगे के क्षेत्रों का बदल जाएगा नक्शा
🔳 सुयाल नदी का आगे जाकर कोसी नदी से होता है मिलान
🔳 अधिशासी अभियंता बोले – करेंगे निरीक्षण, खतरा टालने को होंगे ठोस उपाय
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
नैनीताल व अल्मोड़ा जनपद की सीमा पर क्वारब की पहाड़ी से खतरा टालने के नाम पर पहाड़ी से निकाले गए कई टन मलबे को मोना – क्वारब मोटर मार्ग से सुयाल नदी की ओर पलटे जाने से आगामी बरसात में तबाही का मंजर साफ नजर आने लगा है बावजूद डंपरों के जरिए धड़ल्ले से भारी मलबा नदी क्षेत्र की ओर डाला जा रहा है। एनएच के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी के अनुसार जल्द ही निरीक्षण किया जाएगा। खतरा टालने को ठोस प्रबंध किए जाएंगे। दूसरा डंपिंग यार्ड चिह्नित कर लिया गया है।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर पिछले कई वर्षों से क्वारब की पहाड़ी खतरे का सबब बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे खतरे को देख सुरक्षा के मद्देनजर इन दिनों मुख्य हाईवे पर आवाजाही प्रतिबंधित कर बाइपास से यातायात सुचारु किया गया है। यात्री व पर्यटकों के वाहन बाइपास से आवाजाही कर गंतव्य की दूरी नाप रहे हैं। क्वारब के पहाड़ी पर भी भारी भरकर लोडर मशीनों की मदद से कार्य गतिमान है। इस बीच क्वारब की पहाड़ी से निकाले जा रहे कई टन मलबे को मोना क्वारब मोटर मार्ग से सुयाल नदी की ओर डाले जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। रोजाना डंपरों के जरिए फ़ेंके जा रहे मलबे के आगामी बरसात में नदी में बहकर आगे के क्षेत्रों में तबाही मचाने का अंदेशा कई गुना बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार मलबे को नदी क्षेत्र में पहुंचने से रोकने को कितने भी उठाए कर लिए जाएं पर बारिश में बहकर मलबा नदी तक पहुंचर निश्चित ही तबाही मचा देगा। भारी मात्रा में मलबा नदी क्षेत्र की ओर डाले जाने पर गहरी नाराजगी जताई। व्यापार मंडल उपाध्यक्ष कुबेर सिंह जीना ने भी मलबे से भविष्य में भारी नुकसान की बात स्वीकार नदी क्षेत्र की ओर मलबा डाले जाने पर गहरा रोष जताया। आरोप लगाया की एनएच विभाग ने जनहित से खिलवाड़ कर मानव जनित आपदा को आमंत्रण दे दिया है। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भी बरसात में मलबे के नदी तक पहुंचकर बड़ी अनहोनी का अंदेशा जताया है। लोगों ने नदी क्षेत्र की ओर डाले गए मलबे को हटाए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। एनएच के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी के अनुसार जल्द ही निरीक्षण किया जाएगा। पहाड़ी से निकाले जा रहे मलबे के निस्तारण को अल्मोड़ा की ओर एक और डंपिंग जोन चिह्नित कर लिया गया है। अनुमति पत्र मिलते ही मलबे का अल्मोड़ा की ओर निस्तारण किया जाएगा।
