🔳 गर्त में जा रहा सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत नौनिहालों का भविष्य
🔳 लंबे समय से हालात जस के तस नहीं सुधर रही स्थित
🔳 गणित, हिंदी, संस्कृत, भौतिक व रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण प्रवक्ताओं की कमी
🔳 शिक्षकों के इंतजार में पथरा गई नौनिहालों की आंखें
🔳 नौनिहालों की पीड़ा को जनप्रतिनिधियों की भी नहीं मिल रही आवाज
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के 19 राजकीय इंटर कॉलेज लंबे समय से महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं की कमी से जूझ रहे हैं। कई विद्यालयों में गणित, हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, भौतिक व रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं के न होने से विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है बावजूद जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा सिर्फ और सिर्फ विद्यालयों में अध्ययनरत नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है।
बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में स्थित सरकारी स्कूल लंबे समय से बुरे दौर से गुजर रहे हैं बावजूद जिम्मेदार अनदेखी पर आमादा है। महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं के पद रिक्त पड़े होने के बावजूद स्कूलों में मनाए जा रहे प्रवेशोत्सव शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। गणित, हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, रसायन, भौतिक विज्ञान समेत कई महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं की कमी से स्कूलों में अध्ययनरत नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है वहीं स्कूलों की स्थिति से अभिभावक भी चिंतित हैं। ब्लॉक मुख्यालय स्थित अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज बेतालघाट में ही अर्थशास्त्र, राजनीतिक विज्ञान व भूगोल के प्रवक्ता का पद रिक्त हैं जबकि जीआइसी भतरौजखान में अध्ययनरत नौनिहाल हिंदी, गणित, भौतिक विज्ञान, अंग्रेजी, भूगोल, अर्थशास्त्र व राजनीति विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद खाली पड़े हुए हैं विद्यालय में हिंदी व विज्ञान के सहायक अध्यापक का पद भी रिक्त पड़े होने से व्यवस्था राम भरोसे हैं।जीआइसी रातीघाट में हिंदी, जीव विज्ञान, गणित, राजनिति विज्ञान, अर्थशास्त्र, जीआइसी खैरना में हिंदी, भूगोल, अंग्रेजी, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र के प्रवक्ता का पद रिक्त पड़ा हुआ है। बेटियों को शिक्षित करने के दावे भी बेतालघाट ब्लॉक के स्कूलों में खोखले साबित हो रहे हैं। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बेतालघाट में ही अंग्रेजी, संस्कृत, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान तथा अर्थशास्त्र के प्रवक्ता की तैनाती नहीं है।जीआइसी गरजोली, सिमलखा, ऊंचाकोट, रिखोली, लोहाली, ताड़ीखेत, धनियाकोट व जीतुवापीपुल विद्यालय में अध्ययनरत नौनिहाल भी प्रवक्ताओं के इंतजार में हैं। विद्यालयों में बड़ी संख्या में प्रवक्ताओं की कमी से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ना लाजमी है। कई अभिभावकों ने गांवों से लगातार बढ़ रहे पलायन को विद्यालयों की स्थिति को भी जिम्मेदार ठहराया है। लोगों ने समुचित प्रवक्ताओं की तैनाती की पुरजोर मांग उठाई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जयसवाल के अनुसार मई में सीधी भर्ती प्रस्तावित है। प्रवक्ताओं के मिलते ही प्राथमिकता से बेतालघाट के विद्यालयों में उपलब्ध कराए जाएंगे। वर्तमान में कई विद्यालयों गेस्ट टीचर तैनात हैं।
