🔳 शिक्षा विभाग की लापरवाही से लोगों में नाराजगी
🔳 गांवों में स्थित विद्यालयों की उपेक्षा का आरोप
🔳 सवालों के घेरे में आई शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली
🔳 नौनिहालों के हितों से खिलवाड़ पर आमादा हुआ शिक्षा विभाग
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में शिक्षा व्यवस्था राम भरोसे संचालित हो रही है। राजकिय प्राथमिक विद्यालय तल्ला बर्धो में हालात विकट है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से पिछले तीन दिनों से विद्यालय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के हवाले हैं। विद्यालय में अध्ययनरत नौनिहालों के हितों से खिलवाड़ पर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। उपेक्षा पर ग्रामीणों ने भी गहरी नाराजगी जताई है।
गांवों में स्थित विद्यालयों में व्यवस्था चाक चौबंद करने के लाख दावे किए जाएं पर धरातल की हकीकत शिक्षा विभाग के दावों की पोल खोल दे रही है। विभागीय उपेक्षा का खामियाजा बेहतर भविष्य के लिए सरकारी विद्यालयों में शिक्षा लेने वाले नौनिहाल भुगत रहे हैं। तल्ला बर्धो गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में इन दिनों नौनिहालों की पढ़ाई का जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संभालें हुए हैं। विद्यालय में शिक्षकों की गैरमौजूदगी के बाद पिछ्ले तीन दिनों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही विद्यालय में अध्ययनरत नौ बच्चों को शिक्षा का पाठ पढ़ा रही है। विद्यालय की स्थिति से अभिभावकों व ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्राम प्रधान नरेंद्र पाल सिंह ने भी विद्यालय की स्थिति पर रोष जताया है। बताया की विभागीय अधिकारी से वार्ता भी गई पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। गांव के लोगों ने भी बदहाल स्थिति पर शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगा कार्रवाई की मांग उठाई। नैनीचैक निवासी गोपाल सिंह जैडा के अनुसार नैनीचैक विद्यालय में तीस से अधिक बच्चे अध्यनरत होने के बावजूद महज एक शिक्षक के भरोसे विद्यालय संचालित है। दूसरे शिक्षक को आए दिन व्यवस्था में दूसरे विद्यालयों में भेज दिया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने एक स्वर में कहा की यदि जल्द हालत नहीं सुधरे तो शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जाएगा। उप-शिक्षा अधिकारी राशी बुधलाकोटी के अनुसार आंगनबाड़ी के माध्यम में विद्यालय संचालित करने का प्रावधान नहीं है। व्यवस्था के तहत शिक्षक भेजे जाते हैं। मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
