🔳 बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में गहराया संकट
🔳 तय रोस्टर के अनुसार भी सिलेंडर उपलब्ध न कराने का आरोप
🔳 क्षेत्रवासियों ने गैस विभाग पर लगाया गांवों की उपेक्षा का आरोप
🔳 जल्द आपूर्ति सुचारु न होने पर आंदोलन की चेतावनी
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर गांवों में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने से सैकड़ों परिवार परेशान हैं। रोस्टर तय होने के बाद गैस आपूर्ति न होने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग पर गांवों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द आपूर्ति नहीं की गई तो आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर ताड़ीखेत, हरीनगर, थुआ, हरतोला, जाड़ापानी गांव में पिछले दो महीने से भी अधिक समय से रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो सकी है जिस कारण रसोई गैस संकट गहरा गया है। रसोई गैस उपलब्ध न होने से गांवों के लोग जंगल से लकड़ियां इकट्ठा कर चूल्हे में खाना बनाने को मजबूर हो चुके हैं। कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद गांव की सुध न लिए जाने से अब ग्रामीणों का पारा भी चढ़ने लगा है। रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने से करीब दो सौ से अधिक उपभोक्ताओं को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान पूजा देवी, ललित प्रसाद, दयाल राम, जगदीश, हरीश कुमार आदि के अनुसार भवाली स्थित गैस गोदाम से तैयार किए गए रोस्टर के अनुसार भी गांव में रसोई गैस वाहन नहीं भेजा जा रहा। आरोप लगाया की गैस विभाग गांवों की उपेक्षा पर आमादा हो चुका है। समुचित आपूर्ति के दावे भी हवा हवाई साबित हो रहे है। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने एक स्वर में उपेक्षा बर्दाश्त न किए जाने का ऐलान कर दिया है। दो टूक कहा कि यदि जल्द रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति शुरु नहीं हुई तो फिर भवाली स्थिति गैस गोदाम में ही आंदोलन को विवश होना पड़ेगा।
