🔳 आसपास के क्षेत्रों के भी दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा लाभ
🔳 गांव में हुई बैठक में तैयार की गई संचालन की रुपरेखा
🔳 दुग्ध डेयरी के अस्तित्व में आने से दुग्ध उत्पादकों ने जताई खुशी
🔳 अब नही करनी पड़ेगी तीन किमी की लंबी दूरी तय
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
आखिरकार क्षेत्रवासियों व पंचायत प्रतिनिधियों की मेहनत रंग ला गई है। रामगढ़ ब्लॉक के बिरखन गांव में दुग्ध डेयरी स्थापित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। क्षेत्रवासियों ने गांव में बैठक कर डेयरी संचालन की रुपरेखा तैयार की। दुग्ध डेयरी स्थापित होने से आसपास के गांवों के दुग्ध उत्पादक भी लाभान्वित हो सकेंगे।
रामगढ़ ब्लॉक के सूण गांव के बिरखन तोक में दुग्ध संघ की बैठक में कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। लंबे समय से बिरखन गांव में दुग्ध डेयरी स्थापित किए जाने की मांग उठाई जा रही थी। मामले को गंभीरता से ले वन पंचायत सरपंच समिति ब्लॉक अध्यक्ष कमल सुनाल ने भागदौड़ तेज की तथा विभागीय अधिकारियों से संपर्क साधा। आखिरकार मेहनत रंग लाई तथा डेयरी स्थापित किए जाने को कवायद शुरु हुई। मंगलवार को गांव में हुई बैठक में डेरी प्रभारी गीता पलियाल ने कई बिंदुओं पर जानकारी साझा की। सर्वसम्मति से सूण गांव निवासी सुनीता देवी को बिरखन दुग्ध समिति अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनियुक्त अध्यक्ष ने दुग्ध उत्पादकों व डेयरी के हित में कार्य करने का भरोसा दिलाया। डेयरी संचालन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सरपंच संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष कमल सुनाल ने कहा की गांव में ही डेयरी स्थापित हो जाने से सूण , बिरखन व निगराड गांव के लगभग सौ दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा तथा अब गांव से तीन किमी दूर दियारी क्षेत्र में स्थित डेयरी को भी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस दौरान हरीश सुनाल, सुनीता देवी, शोभा देवी, प्रेमा, राधिका, नरेंद्र सिंह, चंदन सिंह जग्गी, जमन सिंह, सोना सुनाल, किरन देवी समेत तमाम दुग्ध उत्पादक मौजूद रहे।
