◾ गंगरकोट गांव के सुयालखेत क्षेत्र में खड़ा हुआ पेयजल संकट
◾दूर दराज से सिर पर पानी ढोना मजबूरी
◾शादी विवाह व अन्य कार्यक्रमों में पानी के लिए करना पड़ रहा पैसा खर्च
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित गंगरकोट ग्राम पंचायत के तोक सुयालखेत में पानी को हाहाकार मचा हुआ है तकरीबन 20 दिनों से 40 परिवार बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीणों ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
गांवों में पेयजल संकट बढ़ता ही जा है।गांवों के वासिंदे बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। सुयालखेत बाजार व गांव के वासिंदे बीस दिनों से पानी का इंतजार कर रहे हैं। गांव को कासिमगाढ़ पेयजल योजना से पेयजल की आपूर्ति की जाती है पर बीते बीस दिनों से गांव के करीब चालीस परिवार पानी की बूंद बूंद को तरस रहे हैं। आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण दूर दराज से सिर पर ढोकर लाने को मजबूर हो चुके हैं। विवाह व अन्य कार्यक्रमों में टैंकर के माध्यम पानी गांव पहुंचाया जा रहा है जिसमें धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। ग्राम प्रधान माया नेगी, कमल नेगी, भुवन राम, गणेश राम, पूरन राम, शेखर चंद्र आदि ने जल संस्थान पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। जल्द आपूर्ति सुचारू किए जाने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है की यदि अनदेखी की गई तो फिर आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी।
