◾ योजना तैयार होने के बाद से नल से नहीं टपकी पानी की बूंद
◾ एक किमी दूर से पानी ढोने के मजबूर हुए ग्रामीण
◾ जल्द व्यवस्था दुरुस्त न होने पर आंदोलन की चेतावनी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
जल जीवन मिशन योजना से प्रत्येक परिवार को पेयजल उपलब्ध कराने के खूब ढोल पीटे जाए पर धरातल में हालत उलट है। बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर बुधलाकोट गांव में योजना तैयार होने के बाद से ही आपूर्ति चरमरा गई है। ग्रामीणों का आरोप है की एक किमी दूर से पानी ढोना मजबूरी बन चुका है। ग्राम प्रधान ने दावा किया है की जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकारी योजनाएं पहाड़ चढ़ते चढ़ते हांफने लग रही है। सरकार ने हर घर तक पानी पहुंचाने को महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना तैयार की पर बुधलाकोट गांव में ही योजना का दम फुल गया है। आरोप है की जब से जल जीवन मिशन योजना के तहत संयोजन दिए गए हैं तब से पानी की बूंद तक नहीं टपक रही। मजबूरी में एक किमी दूर से सिर पर पानी ढोकर घर तक पहुंचाना पड़ रहा है। मवेशियों के हलक तर करने के लिए दूर दराज जाना पड़ रहा है। जिसमें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। आए दिन पेयजल संकट बढ़ता ही जा रहा है। स्थानीय लीला पडलिया, चंद्रा देवी, कमला देवी, ललिता देवी ने पेयजल व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है कि यदि उपेक्षा हुई तो फिर गांव के लोगों को साथ लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। ग्राम प्रधान ललित चंद्र के अनुसार स्रोत में पानी कम होने से आपूर्ति प्रभावित हो रही है फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि गांव के लोगों को पानी उपलब्ध हो सके।
