🔳 स्थापना दिवस से पूर्व ही बढ़ती जा रही श्रद्धालुओं की संख्या
🔳 तेज बारिश भी नहीं डिगा पा रही बाबा भक्तों की आस्था
🔳 बाबा नींब करौरी के जयकारों से गूंज रहा कैंची धाम
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर सुप्रसिद्ध कैंची धाम स्थित नींब करौरी आश्रम में स्थापना दिवस पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले की तैयारियों को लेकर मेला परिसर में व्यवस्थाएं चाक चौबंद होना शुरु हो गई है। एसएसबी के साथ ही पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। वहीं सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाने लगी है।
आगामी पंद्रह जून को कैंची धाम में लगने वाले मेले की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारी एक्शन मोड में आ गए हैं। मुख्य बाजार क्षेत्र तथा आसपास सफाई व्यवस्था को लेकर रुपरेखा तैयार कर ली गई है। बाबा के धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए आश्रम प्रबंधन व पुलिस प्रशासन रणनीति तैयार कर चुका है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर तैनात की गई एसएसबी की टीमें भी मुस्तैदी से डटी हुई है। खास बात यह है कि एसएसबी के जवान भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ जरुरतमंद श्रद्धालुओं का सहारा बनकर उनको आश्रम में प्रवेश कराने में मदद कर रहे हैं। गुरुवार को भी आश्रम में आस्था का सैलाब उमड़ा। सुबह से शाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने आश्रम में प्रवेश किया। तेज बारिश भी बाबा भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सकी। भक्तों ने तेज बारिश के बावजूद बाबा नींब करौरी के जयकारों के साथ आश्रम में प्रवेश किया।
बेसहारा पशु बन रहे श्रद्धालुओं के लिए खतरा
कैंची क्षेत्र में रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बुजुर्ग व छोटे बच्चों की संख्या भी काफी अधिक होती है ऐसे में मुख्य बाजार क्षेत्र में घुम रहे बेसहारा गोवंशीय पशु खतरे का सबब बन चुके हैं। गौवंशीय पशुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने से स्थानीय लोग भी बेहद परेशान हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही। जिम्मेदारों की अनदेखी से श्रद्धालुओं पर खतरा बढ़ता ही जा रहा है। श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगो ने बाजार क्षेत्र में बैखोफ घुम रहे गोवंशीय पशुओं को स्थापना दिवस से पूर्व ही गौसदन भेजने की मांग उठाई है ताकि समय रहते खतरा टाला जा सके।
