🔳 विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का कैंची धाम पहुंचने का सिलसिला शुरु
🔳 कई बाबा भक्त आश्रम परिसर में कार सेवा में जुटेंगे
🔳 तीखी नजर समाचार पोर्टल टीम से बातचीत में श्रद्धालुओं ने साझा किए विचार
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
देश विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र सुप्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले में भागीदारी को विभिन्न राज्यों से बाबा भक्तों का कैंची धाम पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है। स्थापना दिवस पर बाबा के दर पर मत्था टेकने पहुंच रहे श्रद्धालु खुद को भाग्यशाली मानते हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज, अहमदाबाद, महाराष्ट्र जैसे शहरों से पहुंचे श्रद्धालु आश्रम परिसर में सेवा करेंगे। कई भक्त हनुमान चालीसा के पाठ में भी जुट गए हैं। बाबा के प्रति आस्था व विश्वास का ऐसा समावेश है कि बाबा भक्त मंदिर परिसर के ठीक सामने बन रहे बने ध्यान केंद्र में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं से तीखी नजर समाचार पोर्टल टीम ने बातचीत की तो उनके कुछ इस तरह विचार साझा किए।
राखी चौहान, मेकअप आर्टिस्ट मध्य प्रदेश
पिछले तीन वर्षो से बाबा के दर पहुंचने का प्रोग्राम बनाया। अब बाबा का आदेश हुआ और कैंची धाम पहुंचने का सौभाग्य मिला। यहां पहुंचकर मन को बेहद शांति मिली। खुशी इस बात की भी है कि स्थापना दिवस पर महाप्रसाद प्राप्त होगा।
संजू कुमारी, गृहणी वृंदावन
पहली बार कैंची धाम पहुंची हूं। आश्रम में व्यवस्थाएं बहुत अच्छी लगी। साफ सफाई तथा बेहद शांत माहौल मन को भा गया। हमेशा आने का प्रयास करुंगी। यहां पहुंचकर खुद को बेहद सौभाग्यशाली मानती हूं।
चांदनी सिंह, देवरिया, यूपी
बाबा के धाम पहुंचकर स्थापना दिवस की जानकारी मिली है। वापसी लौटना था पर अब महाप्रसाद लेकर ही वापस जाएंगे। नींब करौरी आश्रम में व्यवस्थाएं काफि अच्छी है। कोई परेशानी नहीं हुई।
शिवम सिंह, अयोध्या
कोरोना काल के बाद से ही बाबा के धाम आ रहा हूं। लाॅकडाउन के बाद काफि परेशानी रही पर बाबा के धाम पहुंचने के बाद सब कुछ ठिक होता चला गया। इस बार स्थापना दिवस पर कैंची धाम आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
लोकेन्द्र पाल सिंह, अलीगढ़
परिवार के साथ पहली बार बाबा के धाम आना हुआ। यहां पहुंचकर सुखद अनुभूति हुई है। कैंची क्षेत्र में पर्यावरण को सुरक्षित किए जाने को ठोस उपाय किए जाने चाहिए। आश्रम के अंदर व्यवस्थाएं बेहद शानदार है।
साहिल राणा, देहरादून
दूसरी बार कैंची धाम पहुंचा हूं। स्थापना दिवस की जानकारी मिली है। निश्चित ही अब महाप्रसाद लेकर ही वापस लौटेंगे। बाबा के धाम पहुंचकर मन को शांति मिलती है।
