🔳 घटना से सनसनी, सूचना पर पहुंचे आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण
🔳 मंदिर समिति पदाधिकारियों, सदस्यों, व्यापार मंडल व ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग
🔳 फारेसिंक एक्स्पर्ट ने लिया घटना स्थल का जायजा, जुटाए साक्ष्य
🔳 पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
🔳 दस साल से भी अधिक समय से बाबा दे रहे थे मंदिर में सेवा
🔳 कुछ दिन पहले मछली मारने को लेकर हुआ था विवाद
🔳 सीसीटीवी फुटेज न मिलना भी बना रहस्य
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर गंगरकोट गांव स्थित सुप्रसिद्ध गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के संत को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से झूलता देख सनसनी फ़ैल गई। सूचना पर पुलिस प्रशासन व मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य तथा आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण मंदिर पहुंचे। ग्रामीणों ने हत्या का अंदेशा जता निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। चौकी प्रभारी खैरना सतीश उपाध्याय के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असल कारणों का खुलासा होगा। बताया की प्रत्येक बिंदु पर गहनता से जांच की जाएगी।
गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में बाबा कृष्णा गिरी (55) निवासी असम पिछले दस वर्षों से सेवा दे रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बाबा ने तमाम व्यवस्थाओं में सुधार किया। बाबा के व्यवहार व मंदिर के प्रति समर्पण से गांवों के लोग उनसे घुल-मिल गए। शुक्रवार को मंदिर में रहने वाले श्रमिक ने बरामदे में बाबा का शव फंदे में झूलता देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। श्रमिक ने तत्काल सूचना आसपास के ग्रामीणो को दी। मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य तथा आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंचे। घटना से लोग सख्ते में आ गए। सूचना पर खैरना चौकी पुलिस व श्री कैंची धाम तहसील प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने शव को नीचे उतारा। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। बाबा की कुटिया से करीब 62 हजार रुपये की धनराशि में सुरक्षित मिली। एकाएक हुई घटना से क्षेत्र के लोग भी दहशत में आ गए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भिजवाया। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश सुयाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रकाश जोशी, मदन जीना, रणजीत जीना, पंकज नेगी, विजय दानी आदि ने घटना को संदिग्ध करार दे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। चौकी प्रभारी खैरना सतीश उपाध्याय के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असल कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
कुछ दिन पहले मछली मारने को लेकर हुआ था विवाद
बाबा का शव फंदे से झूलता मिलने से हर कोई स्तब्ध है। घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर सूदूर गांवों से भी लोग गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। श्रद्धालु कुछ दिन पहले मछली मारने को लेकर बाबा तथा कुछ श्रमिकों के बीच हुए विवाद को भी घटना से जोड़कर देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले बाहरी क्षेत्रों से पहुंचे कुछ श्रमिक जब मंदिर के समीप कोसी नदी पर मछलियों का शिकार करने लगे तो बाबा ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई। श्रमिकों को कड़ी फटकार भी लगाई। मामला हाथापाई तक भी पहुंचा। सूचना पर पुलिस भी पहुंची पर दोनों पक्षों के कार्रवाई न करने की बात पर मामला आगे नहीं बढ़ा। अंदेशा है की विवाद के बाद में तूल पकड़ने के बाद घटना को अंजाम दे दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज न मिलना भी बना रहस्य
मंदिर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं पर बीते गुरुवार की फुटेज कैमरे में नहीं है जबकि बुधवार व अन्य दिनों की पूरी फुटेज कैमरे में कैद है। सीसीटीवी फुटेज का न होना भी संदेह बड़ा रहा है। स्थानीय लोगों ने बाबा के आत्महत्या किए जाने की बातों को भी सिरे से नकार दिया है।
