◾लगातार नुकसान उठा रहे किसानों को भुगतना किए जाने की मांग
◾ कास्तकारो को नुकसान से बाजार भी हो चुका प्रभावित
◾अनदेखी पर किया किसानों को साथ लेकर आंदोलन का ऐलान
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
कोसी घाटी के किसानों को हो रहे नुकसान की भरमार किए जाने की मांग को लेकर व्यापारियों ने भी आवाज बुलंद कर दी है। किसानों को नुकसान का उचित मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। दो टूक चेताया है कि यदि अनदेखी की गई तो फिर किसानों को साथ लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
कोसी घाटी स्थित तमाम गांव फल व सब्जी उत्पादक पट्टी है। किसान हाड़तोड़ मेहनत कर उपज की पैदावार करते है पर पिछले कुछ समय से कास्तकार लगातार नुकसान झेल रहे हैं। कभी ओलावृष्टि ने फलों की पैदावार चौपट कर दी तो की गांवों में सिंचाई व्यवस्था ठप होने से उपज की बेहतर पैदावार नहीं हो सकी। कुछ उपज हुई भी तो वह जंगली जानवरों ने बर्बाद कर डाली। ऐसे में किसानों को चौतरफा नुकसान उठाना पड़। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी पंकज नेगी, पंकज भट्ट, कुलदीप खनायत, आंनद नेगी के अनुसार किसानों को हुए नुकसान का सीधा असर बाजार को भी हुआ है। किसानों पर निर्भर बाजार पूर्णत: चौपट हो चुका है। व्यवसाय प्रभावित होने से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारी नेता कुबेर सिंह जीना, हरीश चंद्र, विक्रम सिंह बिष्ट, विरेंद्र सिंह, सुनील मेहरा, मनीष तिवारी आदि व्यापारियों ने किसानों को नुकसान का उचित मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है ताकी कास्तकारो को राहत मिल सके।
