= स्वास व दमा रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील
= सीएचसी गरमपानी व बेतालघाट अलर्ट मोड पर
= ऑक्सीजन व्यवस्था चाक चौबंद
व किसी के भी झुलसने पर त्वरित उपचार के निर्देश
(((ब्यूरो चीफ विरेन्द्र बिष्ट/फिरोज अहमद/भीम बिष्ट/सुनील मेहरा की रिपोर्ट)))
फायर सीजन के शुरुआत में ही जंगलों में आग बेकाबू होने लगी है। जंगल की आग से उठ रहे धुएं से दमा तथा सांस के रोगियों को खतरा बना हुआ है। ऐसे में सीएचसी गरमपानी व बेतालघाट को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने दमा तथा स्वास रोग से ग्रसित मरीजों के लिए ऑक्सीजन व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ ही आग की चपेट में आने वाले व्यक्ति के अस्पताल पहुंचने पर तत्काल उपचार को चिकित्सकों व कर्मचारियों को मुस्तैद रहने को निर्देश दे दिए गए हैं।
कोसी घाटी में भवाली से सुयालबाडी़ तथा आसपास के क्षेत्रो मैं जगह-जगह जंगल आग से धधक रहे हैं। सुबह शाम जंगलों से दमघोटू धुआं उठ रहा है। वन संपदा खाक होने के साथ ही अब दमा व स्वास के मरीजों पर भी खतरा मंडराने लगा है। चिकित्सकों ने ऐसे में सांस व दमा से ग्रसित मरीजों को विशेष एहतियात बरतने को कहा है। वही सीएचसी गरमपानी व बेतालघाट के स्वास्थ्य कर्मचारियों व चिकित्सकों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में दमा व स्वास के मरीजों के लिए ऑक्सीजन तथा आग की चपेट में झुलसने वाले व्यक्ति के लिए त्वरित उपचार की सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. योगेश कुमार के अनुसार अस्पतालों में व्यवस्था चाक-चौबंद रखने को कहा गया है। अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। दो टूक कहा गया है की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
