🔳 जिलाधिकारी को भेजा हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन
🔳 दुकान खुलने से व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी की जताई उम्मीद
🔳 रातीघाट से स्थांतरित दुकान के लिए जगह उपलब्ध कराने पर दी सहमति
🔳 नियमानुसार सरकारी शराब की दुकान के संचालन पर दिया जोर
🔳 पूर्व में हुए विरोध को दिया सुनियोजित साजिश करार
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर रातीघाट क्षेत्र में शराब की दुकान के विरोध के बाद आबकारी विभाग के दुकान को उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के आदेश जारी होने के बाद अब समीपवर्ती भोटिया पड़ाव क्षेत्र में दुकान स्थापित किए जाने की मांग को लेकर तमाम लोगों ने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को हस्ताक्षरयुक्त पत्र भेजा है‌। पत्र के माध्यम से बताया है की क्षेत्र में दुकान के खुलने से व्यवसायिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
हाईवे पर स्थित भोटिया पड़ाव व आसपास के गांवों के लोग रातीघाट से स्थांतरित सरकारी विदेशी मदिरा की दुकान को भोटिया पड़ाव क्षेत्र में स्थापित किए जाने के पक्ष में उतर आए हैं। क्षेत्र के तमाम व्यापारियों व आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने क्षेत्र में शराब की दुकान स्थापित किए जाने से रोजगार के साधन बढ़ने की उम्मीद जताई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को पत्र भेजकर दुकान स्थापित किए जाने की पुरजोर मांग उठा दी है। पत्र के माध्यम से बताया है कि हाईवे पर स्थित होने के बावजूद भोटिया पड़ाव बाजार में रोजगार के समिति संसाधन हैं। सरकारी विदेशी मंदिरा की दुकान खुलने से जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं आसपास के गांवों में हो रही शराब तस्करी पर पूर्णतः अंकुश लग सकेगा। दुकान खुलने से जहां राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं बाजार क्षेत्र में भी व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। आरोप लगाया की रातीघाट क्षेत्र में शराब की दुकान का विरोध भी सुनियोजित साजिश के तहत किया गया है। निजी स्वार्थ के चलते महिलाओं को आगे कर जानबूझकर सरकारी शराब की दुकान का विरोध करवाया गया। बताया है की विरोध के कारण क्षेत्र का माहौल भी अशांत होता जा रहा है। व्यापारियों ने जिलाधिकारी से भोटिया पड़ाव क्षेत्र में दुकान स्थापित किए जाने की अनुमति देने की मांग उठाई है। भरोसा दिलाया है कि शासन व प्रशासन के हर निर्णय का सम्मान किया जाएगा। जिलाधिकारी को भेजे पत्र में भाष्कर सती, दीपक तिवारी, हरीश चंद्र तिवारी, दीप चंद्र, कंचन सिंह, गंगा सिंह, देवेंद्र सती, पूरन सिंह, बहादुर सिंह, गोधन सिंह, उपराव सिंह, विजय रौतेला, कपिल पांडे, आंनद सिंह, कन्नू बोरा, मनोज मेलकानी, मोहन बिष्ट, गोधन सिंह, दीपक साह, रोहित असवाल, विष्णु गिरी समेत तमाम व्यापारियों व ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।

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