◾हरे भरे जंगलों को काट अवैध रास्ता तैयार कर दौडा़ रहे भारी भरकम वाहन
◾गांव के पानी, सार्वजनिक रास्तों पर भी कर दिया कब्जा
◾ नेताओं व अफसरों से ऊंची पहुंच और झूठे मुकदमों में भी फंसाने की देते हैं धमकी
◾उपजिलाधिकारी के पास पहुंचे ग्रामीणों ने लगाई न्याय की गुहार
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
बुधलाकोट गांव के बाशिंदों ने तहसील कोश्या कुटोली क्षेत्र के पंगोट तथा चुरानी गांवों में बाहरी बिल्डरों पर जंगलों को नुकसान पहुंचाने समेत तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कोश्या कुटोली को शिकायती पत्र सौंप मामले में कार्रवाई कई मांग उठाई है। बिल्डरों पर गांव के लोगों को धमकाने का आरोप लगा कभी भी बड़ी घटना के सामने आने का अंदेशा भी जताया है।
मंगलवार को बुधलाकोट गांव के बाशिंदे पूर्व ग्राम प्रधान दिनेश बुधलाकोटी की अगुवाई में तहसील कोश्या कुटोली मुख्यालय पहुंचे। उपजिलाधिकारी पारितोष वर्मा को शिकायती पत्र सौंप बताया कि तहसील के पंगोट तथा चूरानी गांव में बाहरी बिल्डर बेलगाम हो चुके हैं। हरे भरे जंगलों को नुकसान पहुंचा भारी भरकम वाहन दौडा़ए जा रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है। अवैध रुप से तैयार किए गए जंगल के रास्तों में वाहनों के जरिए पर्यटक ढोए जा रहे हैं। जिससे पर्यटकों की जिंदगी पर भी खतरा मंडरा रहा है। बिल्डरों ने गांव के पानी पर भी कब्जा कर लिया है आपत्ति करने पर नेताओं व अधिकारियों से पहुंच की धमकी दे ग्रामीणों को डराया धमकाया जा रहा है। सरकारी भूमि को कब्जाने के बाद एक बिल्डर ने अब गांव के सार्वजनिक रास्ते पर तक अतिक्रमण कर लिया है। एसडीएम को बताया की बिल्डर ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में भी फंसाने की धमकी देते हैं। बाहरी अज्ञात लोगों से मुख्यमंत्री पोर्टल में गांव के लोगों की झूठी शिकायत दर्ज कराई जाती है। शिकायत करने वाला खुद को बुधलाकोट गांव निवासी बताता है पर जांच के वक्त मौके पर नहीं पहुंचता। बिल्डरों पर लगातार गांवों का माहौल खराब करने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगा कार्रवाई की मांग उठाई है। इस दौरान ग्राम प्रधान ललित चंद्र, प्रेम लता, रोहित बुधलाकोटी, दीप चंद्र, ललित मोहन आदि मौजूद रहे।
