◾ पेयजल संकट गहराने से परेशानियों से जूझना मजबूरी
◾सड़क निर्माण के चलते मलबे में दब गए पेयजल योजना के पाइप
◾ ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने उठाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे से सटे तमाम गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। आए दिन पेयजल आपूर्ति चरमराने से गांव के वासिदों को तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। बोहरागांव ग्राम पंचायत के छाती तोक में भी पीने के पानी को गांव के वासिंदे परेशान हैं। ग्राम प्रधान सुनीता देवी ने व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग उठाई है।
गांवों में पीने के पानी का अकाल पड़ चुका है। मजबूरी में गांवों के वासिंदे दूर दराज से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हो चुके हैं। रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे से सटे बोहरागांव के छाती तोक में भी पचास से ज्यादा परिवार बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। ग्राम प्रधान सुनीता देवी ने आरोप लगाया है कि भुजान पाखुडा़ मोटर मार्ग निर्माण के बाद से ही आए दिन व्यवस्था बदहाल हो गई है। सड़क निर्माण के चलते गांव की पेयजल योजना जगह-जगह मलबे में दब गई। कई बार ठेकेदार को मलबा हटाने के लिए भी कहा गया पर अनसुनी कर दी गई। अब दो वर्ष बाद भी ठेकेदार मलबा हटाने को तैयार नहीं है। जिस कारण छाती गांव में आए दिन पेयजल संकट गहरा जा रहा है। आए दिन पेयजल आपूर्ति ठप हो जा रही है। गांव के नौले व हैंडपंप भी मलबे में दब चुके हैं जिससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट गहराने से दूर दराज से पानी ढोना मजबूरी बन चुका है। स्थानीय प्रकाश चंद्र, प्रताप सिंह, शिवराज सिंह, मदन राम, पुष्कर चंद्र, जगत सिंह, बचे सिंह, दान सिंह, उमा देवी, कांता देवी, राधा देवी ने तत्काल व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है। दो टूक चेताया है कि यदि उपेक्षा की गई तो फिर ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
