🔳 बाहरी लोगों के जमीनों की खरीद करने पर जताई चिंता
🔳 गांव में बैठक कर बनाई उग्र आंदोलन की रणनीति
🔳 संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप मामले में कार्रवाई पत्र दिया जोर
🔳 जमीनों की बिक्री रोकने व रजिस्ट्रियों की जांच की उठाई मांग
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
कुंजगढ घाटी में एकाएक जमीनों की खरीद फरोख्त में तेजी आने से गांवों के लोग सख्ते में आ गए हैं। सालीखेत गांव के ग्रामीणों ने बाहरी लोगों के गांव में बढ़ते दखल पर चिंता व्यक्त कर गहरी नाराजगी जताई है। गांव में नारेबाजी कर जमीनों की खरीद फरोख्त पर तत्काल अंकुश लगाने तथा कुछ दिनों पूर्व हुई जमीनों की रजिस्ट्री की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप मामले को गंभीरता से ले कार्रवाई पर जोर दिया है।
खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे से सटी कुंजगढ घाटी में एकाएक जमीनों की खरीद फरोख्त करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होने से सालीखेत गांव के ग्रामीणों का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। गांव की महिलाओं व पुरुषों ने गांव में बैठक कर बाहरी लोगों के जमीनों की खरीद फरोख्त पर चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा की बाहरी लोग गांव में महंगे दामों पर जमीन खरीद रहे हैं जिससे उनकी मंशा पर शक गहरा रहा है। जमीनों की कीमतों को बढ़ाकर बाहरी लोग स्थानीय लोगों जमीनें खरीदने से वंचित करना चाहते हैं। अंदेशा जताया की बाहरी लोगों की घुसपैठ बढ़ने से भविष्य में गांवों में स्थित विद्यालयों का माहौल भी खराब हो सकता है। दर्जनों ग्रामीणों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात को ज्ञापन सौंपकर गांवों में जमीनों की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने की मांग उठाई है साथ ही कुछ समय पूर्व हुई जमीनों की रजिस्ट्रियों की भी निष्पक्ष जांच किए जाने पर जोर दिया है। दो टूक कहा कि यदि जनहित से खिलवाड़ हुआ तो मजबूरन खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे पर अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया जाएगा। ज्ञापन में मदन सिंह तड़ागी, प्रताप सिंह, दीवान सिंह, अमर सिंह, टीका सिंह, प्रेम सिंह, श्याम सिंह, अंबा दत्त जोशी, संतोष, त्रिलोक, सोनी देवी, कमला, विमला, बसंती देवी, लीला देवी, कमला, नीमा, भवानी, तारा देवी समेत तमाम ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
