= 60 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से पांच किमी दायरे में किया जा रहा डामरीकरण
= गड्ढों में बड़े-बड़े बड़े-बड़े पत्थर भरने से उठे सवाल
= डामरीकरण उखड़ने से ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से तमाम गांवों को जोड़ने वाले लोहाली चमडिया मोटर मार्ग पर 60 लाख रुपये की लागत से पांच किमी दायरे में किए जा रहे डामरीकरण की गुणवत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एक ओर डामरीकरण किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर से डामर उखड़ने लगा है। वहीं मानक से उलट सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर बिछाकर डामरीकरण किया जा रहा है।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से लोहाली, धारी, आटावृता, आटाखास, छियोडी़, धूरा समेत तमाम गांवों को जोड़ने वाले लोहाली चमडिया मोटर मार्ग पर डामरीकरण का कार्य गतिमान है पर शुरुआत में ही डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एक और डामरीकरण किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर डामर उखड़ने लगा है। ग्रामीणों ने इसे सरकारी धन की बर्बादी करार दिया है। आरोप लगाया है की सड़क पर मानक के उलट गड्ढों में आसपास की पहाड़ी का ही पत्थर बिछाया जा रहा है कई बार टोकने के बावजूद मनमानी की जा रही है। गुणवत्ताविहीन कार्यों से सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। पूर्व में भी पैच वर्क के नाम पर बजट खर्च किया जा चुका है। पेंचवर्क भी दम तोड़ चुका है पर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। स्थानीय हरीश कुमार, पंकज भट्ट, हरीश चंद, पंकज नेगी आदि लोगों ने गुणवत्तायुक्त डामरीकरण किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। चेताया है कि यदि मनमानी की गई तो फिर संबंधित विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जाएगा।
