◾संरक्षित प्रजाति के बांज के कई पेड़ो की खोद डाली जड़ें
◾ निर्माण सामग्री के लिए भविष्य के खतरे को किया जा रहा दरकिनार
◾ ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद की जा रही मनमानी
◾एसडीएम कोश्या कुटोली ने किया कड़ी कार्रवाई का दावा
◾धराशाई पैराफिट कर रहे गुणवत्ता की हकीकत बंया

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

आपदा की दृष्टि से अतिसंवेदनशील गांवों में हरी भरी पहाड़ीयों का सीना चीर मानव जनित आपदा की तैयारी कर ली गई है। निर्माण सामग्री में पत्थर के इस्तेमाल को धड़ल्ले से पहाड़ियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। संरक्षित प्रजाति के कई हरे भरे बांज के पेड़ों की जड़ें तक खोद डाली गई है। ग्रामीणों ने लगातार की जा रही मनमानी पर गहरा रोष जताया है‌। आरोप लगाया है की कई बार कहने के बावजूद धड़ल्ले से मोटर मार्ग से सटी पहाड़ियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम पारितोष वर्मा ने मामले में कड़ी कार्रवाई का दावा किया है।

दरअसल धारी – उल्गौर – रुपसिंह धूरा मोटर मार्ग पर लगभग पांच करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत से कार्य गतिमान है। पूर्व में मोटर मार्ग पर गुणवत्ताविहीन डामरीकरण का मामला भी उठ चुका है। अब कार्यदाई संस्था पीएमजीएसवाई के ठेकेदार के निशाने पर मोटर मार्ग से सटी हरी भरी पहाड़ियां आ गई है। मुनाफे के फेर में जनहित से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। जगह जगह हरी भरी पहाड़ीयों को खोद पहाड़ीयों को नुकसान पहुंचा धड़ल्ले से पत्थर निकाले जा रहे हैं। बेतरतीब खदान से बांज के हरे भरे पेड़ों की जड़ें तक खोद डाली गई है। लगातार हो रहे खदान से भविष्य में बढ़ीं घटना के सामने आने का अंदेशा भी बढ़ता जा रहा है बावजूद जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं। बेतरतीब खदान से कभी भी पहाड़ीयों से भूधंसाव होने का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है। मनमाने ढंग से पहाड़ियों व संरक्षित प्रजाति के हरे भरे बांज के पेड़ों को नुकसान पहुंचाए जाने क्षेत्र के वासिदों में भी गहरा रोष व्याप्त है। गांवो के वासिदों ने अधिकारियों के शह पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किए जाने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों ने मामले में कड़ी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। उपजिलाधिकारी पारितोष वर्मा ने दावा किया है की जल्द निरीक्षण कर खदान पर रोक लगवाई जाएगी। साफ कहा की मामले में नियमानुसार कार्रवाई भी होगी।

धराशाई पैराफिट कर रहे गुणवत्ता की हकीकत बंया

पांच करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत से किए जा रहे कार्यों में डामरीकरण के बाद अब पैराफिट निर्माण पर सवाल खड़े हो गए हैं। मोटर मार्ग पर सुरक्षित यातायात को बनाए जा रहे पैराफिट में भारी भरकर पत्थरों का इस्तेमाल कर नाममात्र रेत व सीमेंट का इस्तेमाल कर इतिश्री कर दी जा रही है। कई पैराफिट धराशाई तक हो चुके हैं। धराशाई पैराफिट भी गुणवत्ताविहीन कार्यों की हकीकत बंया कर रहे हैं। लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर पहाड़ियों को खोद निकाले जा रहे पत्थर धड़ल्ले से पैराफिटो में भर दिए जा रहे हैं। गुणवत्ताविहीन पैराफिट निर्माण से भविष्य में खतरा बढ़ने की आंशका भी है बावजूद कोई सुध नहीं ली जा रही। स्थानीय हरीश कुमार, पंकज भट्ट, कुंदन सिंह, ललित चंद्र आदि ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर गहरी नाराजगी जताई है। दो टूक चेतावनी दी है की यदि जनहित से जुड़े कार्यों में हीलाहवाली की गई तो विभागीय अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया जाएगा। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता उत्तम चंद्र के अनुसार गुणवत्ताविहीन कार्यों को हटाने के निर्देश दिए जाएंगे। साफ कहा की जल्द निरीक्षण भी किया जाएगा।

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