◾गंदगी से पटे कूड़ेदान व बिखरा कूड़ा दावों की उड़ा रहा धज्जियां
◾ निस्तारण को ठोस व्यवस्था न होने से बिगड़ रहे हालात
◾व्यापारियों ने उठाई व्यवस्था में सुधार की मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
गांवो को साफ सुथरा बनाए रखने के तमाम दावे किए जाए पर धरातल में दावे खोखले साबित हो रहे हैं। प्रचार प्रसार व कूड़ेदान स्थापित करने में लाखों रुपये की सरकारी धनराशि जरुर खर्च कर दी गई है पर धरातल की हकीकत एकदम उलट है। कूड़ेदान गंदगी से पटे है तो आसपास भी कूडा़ बिखरा पड़ा है। बावजूद कोई सुधलेवा नहीं है। हाईवे पर स्थित चमडिया क्षेत्र दावों की हकीकत बयां कर रहा है।
ग्राम पंचायतों को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए तमाम तैयारियां की गई। बकायदा अब विशेष स्वच्छता अभियान चला जागरूकता रैलियां भी निकाली जा रही हैं। कूड़ा एकत्रीकरण को बकायदा कूड़ेदान भी वितरित किए गए हैं पर अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित चमडिया क्षेत्र के हालात उलट है। क्षेत्र में लगे कूड़ेदान में गंदगी पटी पड़ी है वहीं हाईवे पर भी कूड़ा फैला हुआ है। गंदगी से उठ रही दुर्गंध से आवाजाही करने वाले लोग भी परेशान हैं। हाइवे पर बिखरे कूड़े से पर्यटक भी रुकना पसंद नहीं कर रहे। जगह-जगह जागरूकता रैली निकाली जा रही है पर धरातल पर हालात जस के तस बने हुए। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े महेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, कुलदीप सिंह, मनीष तिवारी, फिरोज अहमद, राकेश जलाल, पंकज नेगी, हरीश चंद्र, कुबेर सिंह जीना आदि ने कूड़ा निस्तारण के लिए ठोस उपाय किए जाने की मांग उठाई है।
