🔳 राजकीय प्राथमिक विद्यालय वलनी के हालात बद् से बदतर
🔳 आंगनबाड़ी केंद्र भी विद्यालय के दर्जन भवन में संचालित
🔳 11 मासूमों की जिंदगी पर मंडरा रहा बढ़ा खतरा
🔳 विद्यालय की बदहाल छत बल्ली के सहारे अटकी
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटे राजकीय प्राथमिक विद्यालय वलनी के जर्जर हालात से विद्यालय में अध्यनरत मासूमों की जिंदगी पर खतरा बढ़ता ही जा रहा है बावजूद जिम्मेदारों की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही। ऐसा लगता है मानो किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है। विद्यालय की दुर्दशा से अभिभावक अपने नौनिहालों का प्रवेश भी विद्यालय में करने से हिचक रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद विद्यालय की सुध नहीं ली जा रही।
हाईवे से सटे वलनी गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की दयनीय हालत शिक्षा विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली की हकीकत बयां कर रही है। विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है। खतरे से अंजान मासूम जान जोखिम में डाल बेहतर भविष्य का सपना लेकर विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने पहुंच रहे हैं वहीं आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत नौनिहाल भी जर्जर विद्यालय परिसर में ही प्राथमिक शिक्षा का कहकहा सिख रहे हैं। विद्यालय की हालत पिछले तीन वर्षों से दयनीय बनी हुई है छत के धराशाही होने के खतरे से विद्यालय में तैनात शिक्षक बरामदे में बच्चों को शिक्षित करने की जुगत में जुटे हुए हैं। पूर्व ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह रावत के अनुसार लंबे समय से विद्यालय की हालत में सुधार की मांग उठाई जा रही है पर सुनवाई नहीं हो रही। बदहाल हालत में पहुंच चुके भवन की छत भी बल्लियों के सहारे रोकी गई है। ऐसे में कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है। विद्यालय में लगातार घट रही छात्र संख्या को भी ग्रामीणों ने विद्यालय की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप लगाया की अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश विद्यालय में कराने में डरने लगे हैं। वर्तमान में विद्यालय में तीन नौनिहाल अध्ययनरत हैं जबकि विद्यालय परिसर में ही संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में आठ मासूम पंजीकृत हैं। विद्यालय की बिगड़ रही स्थिति से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान तारा देवी, पूरन सिंह बिष्ट, आंनद सिंह, धन सिंह समेत तमाम ग्रामीणों ने विद्यालय की हालत में सुधार की मांग उठाई है। दो टूक चेताया है कि यदि समय रहते विद्यालय की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो फिर आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी। विद्यालय की प्रधानाचार्य ममता आर्या के अनुसार विद्यालय भवन की मरम्मत को उच्चाधिकारियों को पत्राचार किए जाने के बाद प्रस्ताव भी तैयार कर भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरु करवाया जाएगा।
