◾ पांच दिनों से गहराया संकट, ग्रामीण परेशान
◾ दूर-दराज से सिर पर पानी ढोना बनी मजबूरी
◾ जल्द व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन का ऐलान
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
आपदा को दो वर्ष से भी ज्यादा का समय बीत जाने के बावजूद गांवों में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त नहीं की जा सकी है जिसका खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बेतालघाट ब्लॉक के मल्लाकोट गांव में भी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। बावजूद कोई सुधलेवा नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों ने जल्द व्यवस्था में सुधार न होने पर सड़क पर उतरने का ऐलान किया है।
गांवों में पेयजल संकट सिर चढ़कर बोल रहा है। बावजूद सुध नहीं ली जा रही। आपदा को दो वर्ष बीत जाने के बावजूद गांवों में पेयजल आपूर्ति को ठोस उपाय नहीं किए जा रहे महज अस्थाई व्यवस्था के तहत ही काम चलाऊ व्यवस्था की जा रही है। बेतालघाट ब्लॉक के मल्लाकोट गांव के वासिंदे भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से परेशान हो चुके हैं। स्थानीय दीवान सिंह जलाल के अनुसार बीते पांच दिनों से आपूर्ति ठप है जिस कारण तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। दूर दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोतो से सिर पर पानी ढोना मजबूरी बन चुका है। आरोप लगाया है की विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद कोई सुध नहीं ली जा रही। मल्लाकोट के साथ ही माझकोट, पनौराकोट तथा छोटी बस्ती के करीब 150 से ज्यादा परिवारों को पेयजल आपूर्ति ठप होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो फिर सड़क पर उतर आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा।
