🔳 अनदेखी से चढ़ने लगा है आंदोलनकारियों का पारा
🔳 महत्वपूर्ण अस्पताल की अनदेखी पर जताई नाराजगी
🔳 जल्द मांगे न माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
🔳 धरनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को एसएसपी को भी भेजा ज्ञापन
🔳 बयेडी के आंदोलनकारी भी पीछे हटने को तैयार नही
[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुयालबाड़ी में चिकित्सकों की तैनाती व स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की तैनाती की मांग को लेकर धरने पर बैठे पंचायत प्रतिनिधियों का पारा चढ़ने लगा है‌। आंदोलनकारियों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेज आंदोलन स्थल पर सुरक्षा के ठोस उपाय किए जाने की मांग भी उठाई है।
सीएचसी में सुविधाओं व मानकनुसार चिकित्सकों की तैनाती की मांग को लेकर तमाम गांवों के पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीण राष्ट्रीय सेवा संघ के बैनर तले सीएचसी परिसर में धरनारत है। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। आसपास के गांवों के लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। पूर्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कुबेर सिंह जीना ने कहा की तमाम गांवों के मध्य में स्थित सीएचसी सुयालबाड़ी में समुचित चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का होना आवश्यक है ताकि क्षेत्रवासियों को लाभ मिल सके। आंदोलन को जायज ठहरा जल्द मांगों को पूरा किए जाने की मांग उठाई। राष्ट्रीय सेवा संघ के प्रदेश महासचिव व ग्राम प्रधान सिमराड़ भारतेन्दु पाठक ने कहा की अब आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। चिकित्सकों की तैनाती व सुविधाएं दुरुस्त होने के बाद ही पीछे हटा जाएगा। आंदोलनकारियों ने एसएसपी को ज्ञापन भेज आंदोलन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के ठोस उपाय व आंदोलन स्थल के आसपास अराजकता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। इस दौरान ग्राम प्रधान सुयालबाड़ी दीपक सुयाल, प्रधान गंगोरी तरुण कांडपाल, प्रधान दीक्षय जोशी, अर्जुन सिंह, कमल नेगी, जंयत नेगी, नंद किशोर कांडपाल, विनोद चुबडाल, पंकज नेगी आदि मौजूद रहे।

हर हाल में कराकर रहेंगे योजना का निर्माण, तब हटेंगे पीछे

ताड़ीखेत ब्लॉक के सूदूर बयेडी गांव में पेयजल पंपिंग पेयजल योजना के निर्माण में देरी से आक्रोशित आंदोलनकारी झुकने को तैयार नहीं है। मंगलवार को आंदोलनकारियों का क्रमिक अनशन चौदहवें दिन में पहुंच गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया की लंबा समय बीतने के बावजूद आज तक योजना का निर्माण न हो पाना गांवों की उपेक्षा कर दर्शाता है। कहा की हर हाल में योजना का निर्माण करवाकर ही आंदोलन से पीछे हटा जाएगा। संघर्ष समिति अध्यक्ष पूरन पांडे ने कहा की आंदोलन में महिलाओं, बुजुर्गो व बच्चों तक की भागीदारी से आंदोलनकारियों का उत्साह दोगुना बढ़ गया है। गांव में पानी की आपूर्ति को अंतिम सांस तक संघर्ष किया जाएगा। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान दीप चंद्र, पूर्व ग्राम प्रधान लछी राम, प्रधान प्रतिनिधि पंकज, ललित कुमार, पानी राम, चंदन राम, नीमा देवी, पुष्पा पांडे, कमलेश, भगवती, बीना, नंद राम, बाली राम, किसन राम, नंदा बल्लभ आदि मौजूद रहे।