🔳 बंजर हो चुके खेतों में जंगली जानवरों के छिपे बैठे होने का खतरा
🔳 आबादी से दूर गांवों के अंतिम छोर पर अकेले पहुंच रहे कर्मचारी
🔳 कभी भी बड़ी घटना सामने आने का बढ़ता जा रहा खतरा
🔳 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व ग्राम प्रहरी तक न होने से दोगुनी हो रही परेशानी
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
गांवों में डिजिटल क्राॅप सर्वे के कार्य में जुटे कर्मचारियों को जान हथेली में रख कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है। एक अदद चतुर्थ श्रेणी व ग्राम प्रहरी तक उपलब्ध न होने से सर्वे कार्य में जुटे कर्मचारी विरान क्षेत्रों में स्थित बंजर खेतों की दूरी अकेले ही नाप रहे हैं। जंगली जानवरों के आक्रमक होने से कर्मचारियों की जिंदगी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा।
किसानों के खेतों में उगाई जा रही फसलों का विवरण व क्षेत्रफल का डाटा तैयार करने को सरकार के निर्देश पर वर्तमान में प्रशासन राजस्व उपनिरीक्षकों व अन्य विभागीय कर्मचारियों की मदद से गांवों में डिजिटल क्राॅप सर्वे का कार्य कर आंकड़े एकत्र करने में जुटा है। डिजिटल क्राॅप सर्वे की मदद से किसानों को फसलों के नुकसान होने पर मुआवजा वितरित करने में आसानी होती है साथ ही किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने में भी एक सटीक आंकड़ा उपलब्ध होता है पर डिजिटल क्राॅप सर्वे में जुटे कर्मचारियों को जान हथेली पर रख सर्वे करना मजबूरी बन चुकी है। आबादी से दूर बंजर खेतों तक विरान हो चुके रास्ते से पहुंचने में जंगली जानवरों के हमले का भय बना रहता है जबकि बंजर खेतों में बड़ी बड़ी झाड़ियों के बीच पहुंचकर सर्वे करने में कई बार झाड़ियों के बीच सांप व अन्य जंगली जानवरों के छिपे बैठे होने का खतरा भी बना हुआ है। चतुर्थ श्रेणी कर्मी व ग्राम प्रहरी तक उपलब्ध न होने से कर्मचारी अकेले जान जोखिम में डाल सर्वे कार्य में जुटे हैं। महिला कर्मचारियों के लिए भी सर्वे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, मनीष तिवारी, गोविंद सिंह, विरेन्द्र सिंह बिष्ट, बिशन जंतवाल आदि ने सर्वे कार्य के दौरान कर्मचारियों को समुचित स्टाफ उपलब्ध कराए जाने पर जोर दिया है ताकि भविष्य की अनहोनी को टाला जा सके। श्री कैंची धाम तहसील की उपजिलाधिकारी मोनिका के अनुसार कर्मचारियों को मुख्यतः आबादी क्षेत्र के आसपास आबादी वाले क्षेत्रों में सर्वे को कहा गया है। दूरस्थ व बंजर क्षेत्रों के लिए सर्वे करने में असमर्थ का भी विकल्प उपलब्ध है।
