◾रात भर खेतों में बैठकर भगा रहे जंगली सुअर
◾कुंजगढ़ नदी से सटे गांवों में जंगली सूअरों का आंतक
◾ आलू की उपज को कर जा रहे बर्बाद
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

तमाम गांवों को जोड़ने वाले भुजान – रिची मोटर पर स्थित गांवों के किसान रात भर खेतों में जगराता कर जंगली सूअरों से आलू की उपज को बचाने को मजबूर हो रहे हैं। जंगली सूअरों का झुंड़ पलभर में ही खेतों को रौंद जा रहे हैं। लगातार हो रहे नुकसान से किसानों का खेतीबाड़ी से मोहभंग होता जा रहा है। ग्रामीणों ने जंगली सूअरों के आंतक से निजात दिलाए जाने की मांग उठाई है।
कभी आपदा, बेमौसमी बारिश से गांवों में खेती प्रभावित होती जा रही है। बची कुची कसर जंगली जानवर पूरी कर दे रहे हैं। भुजान – रिची मोटर मार्ग पर स्थित तमाम गांवों के वासिंदे जंगली जानवरों के आंतक से परेशान हो चुके हैं। समीपवर्ती टूनाकोट, तिपोला, सुकोली, पातली आदि गांवों में जंगली सूअरों का झुंड खेतों को रौंद आलू की उपज को बर्बाद करने में तुला हुआ है। हाड़तोड़ मेहनत कर खेतीबाड़ी कर रहे कास्तकार अब रात को भी खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। स्थानीय सुनील मेहरा के अनुसार रात के वक्त खेतों के समीप बैठकर सुअरों से उपज को बचाने की जद्दोजहद की जा रही है। नजर बचते ही जंगली सूअरों का झुंड़ खेतों में घुस उपज को तबाह कर दे रहे हैं। जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।जानकी देवी, बचुली देवी, गीता देवी, तारा देवी, पूजा देवी, देवकी देवी, राजेंद्र सिंह, खुशाल सिंह, रंजीत सिंह, गोपाल, महेंद्र कुमार आदि ने शासन प्रशासन से जंगली जानवरों के आंतक से निजात दिलाने को ठोस कदम उठाए जाने की मांग उठाई है।