= एक काश्तकार का पानी का टैंक व घर का कुछ सामान आग की चपेट में आया
= ग्रामीणों ने बमुश्किल पाया आग पर काबू
= प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा दिए जाने की उठी मांग
(((कुबेर जीना/दलिप सिंह/अंकित सुयाल/हरीश चंद्र की रिपोर्ट)))
जंगलों से उठी आग की लपटें अब कहर बरपाने लगी है। पूर्व में मल्लाकोट गांव में एक मकान को खाक करने के बाद देर रात खैरनी गांव में आबादी तक जंगल की आग पहुंच गई। आबादी की और आग की लपटें पहुंचने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग की लपटों ने गांव के एक कास्तकार का पानी का टैंक तथा घर का कुछ सामान चपेट में ले लिया। संयोगवश बड़ा हादसा टल गया।
जंगलों की आग काबू में आने का नाम नहीं ले रही। बीते दिनों बेतालघाट ब्लॉक के मल्लाकोट गांव में दीवान सिंह का मकान व गौशाला खाक करने के बाद शुक्रवार देर रात खैरनी गांव के समीप जंगल में लगी आग आबादी गांव तक पहुंच गई। घरो के समीप तक आग पहुंचने से ग्रामीणों ने आग बुझाना शुरू किया पर आग की लपटें बेकाबू होती चली गई जिससे गांव में हड़कंप मच गया। आसपास के ग्रामीण भी आग पर काबू करने का प्रयास करने लगे।गांव के काश्तकार जीवन सिंह के मकान तक पहुंची आग ने प्लास्टिक का एक पानी के टैंक को चपेट में ले लिया वही घर का कुछ अन्य सामान भी आग से स्वाह हो गया। बमुश्किल ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। क्षेत्रवासियों ने प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा दिए जाने की मांग उठा वनाग्नि रोकने के लिए वन विभाग से ठोस कदम उठाने मांग की है।
