◾मवेशियों के मारे जाने पर पशुपालकों को समय पर दिया जाए मुआवजा
◾ वन पंचायत सरपंच संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष ने उठाई मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
गांवों में पालतू मवेशियों पर गुलदार के हमले तेज होने तथा पशुपालकों को समय पर मुआवजा न मिलने पर वन पंचायत संरपच संगठन के अध्यक्ष ने नाराजगी जताई है। संगठन अध्यक्ष कमल सुनाल ने गांवों में बढ़ रही गुलदार के घुसपैठ रोकने को पिंजरा लगाने तथा पशुपालकों को समय पर मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
गांवों में पालतू मवेशियों पर गुलदार के हमले तेज होने तथा पशुपालकों को समय पर मुआवजा न मिलने पर वन पंचायत संरपच संगठन के अध्यक्ष ने नाराजगी जताई है। संगठन अध्यक्ष कमल सुनाल ने गांवों में बढ़ रही गुलदार की घुसपैठ रोकने को पिंजरा लगाने तथा पशुपालकों को समय पर मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
गांवों में गुलदार की घुसपैठ तेज होने तथा लगातार पशुपालकों के मवेशियों पर गुलदार के हमलावर होने पर संरपच संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष कमल सुनाल ने चिंता जताई है। संगठन अध्यक्ष ने कहा की गांवों में खेती-बाड़ी चौपट होती जा रही है। एक मात्र आय का जरिया पशुपालन पर भी संकट मंडरा रहा है। आए दिन गुलदार मवेशियों को मार डाल रहे हैं जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुआवजे तक को पशुपालक परेशान हो जा रहे हैं। कई मामलों में वर्षों से पशुपालकों को मुआवजा नही मिल सका है जबकि पशुपालक वन विभाग के अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटते थक चुके हैं। संगठन अध्यक्ष कमल ने गांवों में गुलदार की आवाजाही रोकने को पिंजरा लगाने के साथ ही ठोस कदम उठाए जाने व पशुपालकों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई है।
