◾सब्जी उत्पादक पट्टी में कहर बनकर खेतों में टूट रहे जंगली जानवर
◾ लगातार नुकसान से किसानों का खेतीबाड़ी से होता जा रहा मोहभंग
◾ प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन भेज आंतक से निजात दिलाए जाने की मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
गांवों में लगातार उपज चौपट होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उपज चौपट होने से बाजार में सब्जियों की कीमत भी बढ़ती जा रही है। परेशान किसानो ने प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन भेज जंगली जानवरों के आतंक से बर्बाद हो रही खेतीबाड़ी बचाने की गुहार लगाई है।
समीपवर्ती टूनाकोट, तिपोला, सालीखेत, सुकोली सब्जी उत्पादक पट्टी है। क्षेत्र में टमाटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च, बीन आदि की बंपर पैदावार होती है। पिछले कुछ समय से जंगली सूअरो का आंतक बढ़ जाने से खेती-बाड़ी प्रभावित हो गई है। सूअरों के झुंड खेतों व उपज को रौंद दे रहे हैं। उपज को बर्बाद होने से किसानों का काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कास्तकारो ने प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन भेज कहा है की लगातार जंगली सूअरों की संख्या में बढ़ोतरी होते जा रही है। महिलाओं व बच्चों पर भी लगातार खतरा बढ़ते ही जा रहा है। दिन दोपहर ही सूअरों का झुंड खेतों में पहुंचकर उपज चौपट कर दे रहे हैं। लगातार संख्या में बढ़ोतरी होने से खतरा भी लगातार बढ़ते ही जा रहा है। किसानों ने जंगली सूअरों के आंतक से निजात दिलाए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। दो टूक चेताया है कि यदि अनदेखी की गई तो फिर जनआंदोलन शुरु किया जाएगा। ज्ञापन में ग्राम प्रधान तिपोला मुकेश गिरी गोस्वामी, प्रधान टूनाकोट राजेंद्र सिंह, मोहित गोस्वामी, सुनील मेहरा, दीवान सिंह, हीरा सिंह, नंदन सिंह, हीरा सिंह, कमल मेहरा, प्रताप सिंह, विक्रम सिंह, सुनीता देवी, सरस्वती देवी, ऊषा देवी, विमला देवी, सरस्वती देवी, नीमा देवी आदि के हस्ताक्षर है।
