= जगह जगह गीरते रहे पत्थर
= यात्रियों ने जान हथेली पर रख की आवाजाही
= दावानल से वन संपदा खाक होने का सिलसिला जारी
(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
आपदा के बाद से ही बदहाली का दंश झेल रहे अल्मोडा़ हल्द्वानी हाईवे पर अब वनाग्नि का कहर बरपाने लगी है। कमजोर हो चुकी पहाडीयों पर आग लगने से पत्थर गीरने का सिलसिला शुरु हो गया है। पत्थर गीरने से दुघर्टना का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने हाईवे से सटी पहाडी़यों पर आग पर काबू किए जाने की मांग वन विभाग से की है।
जंगलों में आग बेकाबू होती जा रही है। बावजूद वन विभाग आग पर काबू पाने में नाकाम साबित हो रहा है। शनिवार मध्य रात्रि अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर लोहाली के समीप हाइवे से सटी पहाड़ी पर आग धधक उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही देर में आग पहाड़ी के चारों ओर फैल गई। कई हेक्टेयर वन संपदा खा हो गई। जंगली जानवरों को नुकसान होने की भी आशंका है। दोपांखी क्षेत्र में भी आग धधकने से हाईवे तक पत्थर गिरते रहे जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। आए दिन आग धधकने से हाईवे पर सफर खतरनाक हो चुका है। जगह-जगह पत्थर गिरने से खतरा कई गुना बढ़ता जा रहा है। व्यापारी नेता कुबेर सिंह जीना, मदन मोहन सुयाल, विरेंद्र बिष्ट, महेंद्र सिंह, नंदन सिंह, विक्रम सिंह बिष्ट, गंगा सिंह, मनोज नैनवाल, फिरोज अहमद, हरीश चंद्र, पंकज भट्ट, दलीप सिंह नेगी आदि लोगों ने अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटी पहाड़ियों को आग से बचाने की मांग उठाई है। कहा कि यदि समय रहते हाईवे से सटी पहाड़ियों को आग से नहीं बचाया गया तो कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है।
