🔳 शेखर दानी का ग्राम प्रधान का कार्यकाल बना चर्चा का विषय
🔳 ग्राम पंचायत में किए गए कार्य विकास की असल हकीकत की दे रहे गवाही
🔳 जनहित के मुद्दों को लेकर हमेशा अपनाया आक्रमक रुख
🔳 सिमलखा जिला पंचायत सीट से मजबूत दावेदार के रुप में अन्य प्रत्याशियों के लिए बने चुनौती
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]


बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में चुनावी शोर पूरे शबाब पर है। इस बीच मल्ली पाली गांव में सरकारी बजट से किए गए चर्चाओं में हैं। बेहतरीन कार्यों की श्रृंखला भविष्य में गांवो की सरकार की कमान थामने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए नायाब उदाहरण पेश कर रही है। ग्रामीणों की मानें तो गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान ने गुणवत्ता, मेहनत व गंभीरता से कार्यो को धरातल में उतार शानदार पहल की है।
बेतालघाट ब्लॉक के मल्ली पाली ग्राम पंचायत में किए गए कार्य विकास की असल हकीकत बयां कर रहे हैं। गांव में बना पंचायत भवन हो या गांव के रास्ते समेत अन्य कार्य आज चर्चा का विषय बने हुए हैं। प्रत्येक कार्य अपनी गुणवत्ता खुद ही बयां कर रहे हैं। जनहित के मुद्दों को लेकर हमेशा आक्रमक मुद्रा में रहने वाले निवर्तमान ग्राम प्रधान शेखर जहां गांव में होने वाले विकास कार्यों को लेकर हमेशा गंभीर रहें वहीं ब्लॉक व जिलास्तरीय बैठकों में जन समस्याओं के समाधान की आवाज प्रमुखता से उठाते रहे। जनहित के मुद्दों की आवाज उठाने व हमेशा अपने आक्रमक अंदाज को लेकर अफसरों के निशाने पर रहे शेखर ने कभी हार नहीं मानी और हमेशा जनहित के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की। अब सिमलखा जिला पंचायत सीट से जिला पंचायत सदस्य के रूप में भी उनको गांवों से मिल रहे जनसमर्थन से विपक्षी प्रत्याशियों की नींद उड़ गई है। शेखर दानी के अनुसार यदि जनता उन्हें जिला पंचायत सदस्य के रुप में आशीर्वाद देती है तो निश्चित रुप से वो जनाकांक्षाओं में खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे साथ ही कोसी घाटी में स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था को लेकर संघर्ष किया जाएगा।

मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं ।जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)