🔳 क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत कर मलबा व झाड़ियों का किया निस्तारण
🔳 लंबे समय से बदहाल रास्ते पर आवाजाही को थे मजबूर
🔳 कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद नहीं ली गई सुध
🔳 ग्रामीणों ने बदली जनता गांव को जोड़ने वाली मार्ग की बदली तस्वीर
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]

जिम्मेदारों की अनदेखी से परेशान होकर आखिरकार खुद ही ग्रामीण सड़क से गांव को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग को दुरुस्त करने में जुट गए। पांच घंटे से भी अधिक समय तक ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत, मलबा निस्तारण के साथ ही झाड़ियां कटान कर मार्ग को दुरुस्त कर डाला। जिम्मेदारों के उपेक्षित रवैए पर गहरी नाराजगी भी जताई।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटे जनता गांव के लोग गांव की उपेक्षा से परेशान हैं। ईडा बजीना मोटर मार्ग से गांव को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने कई बार मार्ग को दुरुस्त करने की मांग उठाई पर आज तक सुध नहीं ली जा सकी। मजबूरी में ग्रामीण जान हथेली पर रख आवाजाही करते रहे। उपेक्षा से परेशान ग्रामीण रविवार को खुद ही मार्ग को दुरुस्त करने में जुट गए। समाजसेवी बचे सिंह जंतवाल की अगुवाई में ग्रामीणों ने रास्ते में जगह जगह गिरे मलबे तथा बड़ी बड़ी गाड़ियों का निस्तारण किया। कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त दीवारों को दुरुस्त कर आवाजाही सुरक्षित करने करने को कदम उठाया। पांच घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मार्ग को सुरक्षित आवाजाही के लिए तैयार किया। आरोप लगाया की कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद सुध नहीं ली गई। करीब आठ सौ मीटर दायरे में बने मार्ग से आवाजाही बेहद ख़तरनाक बनी हुई थी साथ ही झाड़ियों में जंगली जानवरों के बैठे रहने का खतरा भी बढ़ गया था। क्षेत्रवासियों ने गांव की उपेक्षा पर भी गहरी नाराजगी जताई। इस दौरान रवि जंतवाल, विशाल बिष्ट, जीवन सिंह, दीवान सिंह, किसन सिंह, पूरन सिंह आदि मौजूद रहे।