🔳 कुछ दिन पहले ही डेढ़ वर्ष बाद बैंगलुरु से लौटा था गांव
🔳 पुलिस ने शव का पंचायतनामा पर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
🔳 घटना से स्वजनों का रो रो कर बुरा हाल, क्षेत्र में हड़कंप
🔳 मृतक के जीजा ने पुलिस कार्रवाई से क्षुब्ध होकर आत्मघाती कदम उठाने का लगाया आरोप
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के लोहाली गांव निवासी ग्रामीण ने संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। नाजुक हालत में उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के जीजा ने पुलिस कार्रवाई से क्षुब्ध होकर अवसाद में आकर आत्महत्या करने का आरोप लगा हड़कंप मचा दिया है। घटना से पुलिस विभाग भी सख्ते में आ गया है। सीओ, एसपी क्राइम व कोतवाल भवाली ने खैरना चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजा गया है जहां पैनल की निगरानी में पोस्टमार्टम हुआ।
लोहाली गांव निवासी बालम सिंह (40) पुत्र कुंदन सिंह लंबे समय से बैंगलुरु में नौकरी करता है। बीते दिनों वह डेढ़ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद घर पहुंचा। बीते रोज खैरना पुलिस ने उसका पुलिस एक्ट में चालान किया। देर रात बालम ने घर पर रखे विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। बालम के एकाएक विषाक्त पदार्थ गटकने से स्वजनों में हड़कंप मच गया। स्वजन रात में ही उसे लेकर उपचार के लिए सीएचसी गरमपानी लेकर पहुंचे पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से स्वजनों का रो रो कर बुरा हाल है। अस्पताल में पंचनामे के दौरान स्वजन खैरना चौकी से पंचायतनामा न कराने तथा पैनल की देखरेख में हल्द्वानी में पोस्टमार्टम कराने की बात पर अड़ गए। कोतवाल भवाली प्रकाश मेहरा ने स्वजनों की मांग पर क्वारब चौकी प्रभारी मनोज अधिकारी से पंचायतनामा भरवाया तब जाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मृतक के जीजा दीवान सिंह ने आरोप लगाया की उनका साला बीते शाम अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर चमड़ियां क्षेत्र में अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मौजूद था। आरोप लगाया की विडियो बनाने के दौरान पुलिस उसे बेवजह चौकी लेकर पहुंची। उसके साथ धक्का मुक्की व गाली गलौज की गई। मोबाइल का सीम भी तोड़ डाला तथा घटना के समय का विडियो भी डिलीट कर डाला। जीजा दीवान सिंह ने पुलिस के रवैए से परेशान होकर साले के आत्महत्या कर लेने का आरोप लगाया। बताया की मोबाइल पर हुई बातचीत में भी उसने बेइज्जती किए जाने की बात कही। घर पर भी पत्नी से कहता रहा की आखिरी मेरा कसूर क्या था। दीवान सिंह व अन्य स्वजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। कोतवाल भवाली प्रकाश मेहरा के अनुसार मृतक का शांति भंग में चालान किया गया था। बकायदा मेडिकल भी करवाया गया उसके बाद स्वजनों को बुलाकर उसे सुपुर्द कर दिया गया था।
