🔳 कैंची के जाम व रुट डायवर्ट होने से तमाम बाजारों में पसरा सन्नाटा
🔳 सिलेंडरों के संकट ने तोडी व्यापारियों की कमर
🔳 आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियों से भी डर रहे कारोबारी
🔳 हालातों में सुधार कर व्यापारियों के हित में कदम उठाए जाने की मांग
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर कैंची क्षेत्र में जाम तथा रुट डायवर्ट होने व्यवसाय प्रभावित होने तथा अब व्यवसायिक गैस सिलेंडरों का संकट गहराने से व्यापारी वर्ग की कमर ही टूट गई है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल पदाधिकारियों व सदस्यों ने समस्याओं के समाधान को ठोस कदम उठाए जाने की मांग उठाई है। ऐसे हालातों में पर्यटन सीजन में भी व्यापार में नुकसान का अंदेशा जताया है।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर कैंची क्षेत्र में लगने वाला जाम, शटल सेवा तथा रुट डायवर्ट तमाम क्षेत्रों के व्यापारियों के लिए समस्या बन गया है। पर्यटकों के कैंची क्षेत्र से आगे न बढ़ पाने से गरमपानी, खैरना, सुयालखेत, छड़ा, लोहाली, चमड़ियां, सुयालखेत, नैनीपुल, पातली समेत तमाम बाजारों में सन्नाटा पसर जा रहा है। पर्यटकों की आवाजाही न होने से कारोबारी मायूस हो चुके हैं। बची कुची कसर सिलेंडरों के संकट ने पूरी कर दी है। सिलेंडरों के संकट से की होटल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। ऐसे में व्यापारियों को पर्यटन सीजन की चिंता भी बताने लगी है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट, जिला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम गोस्वामी, जिला संगठन मंत्री बिशन सिंह जंतवाल, गरमपानी ईकाई अध्यक्ष मनीष तिवारी, खैरना के गजेंद्र नेगी, छड़ा के दीवान सिंह बिष्ट, सुयालखेत प्रकाश जोशी, रुप सिंह जीना, कुबेर सिंह, गजेंद्र सिंह, फिरोज अहमद, गौरव पंत आदि ने पर्यटन सीजन से पूर्व व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग उठाई है। पदाधिकारियों ने यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने को जाम संभावित क्षेत्रों में समुचित पुलिस कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे से जाम की निगरानी करने तथा समय पर बाजार क्षेत्रों में व्यवसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर जोर दिया है। चेताया कि यदि पर्यटन सीजन से पूर्व स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो व्यापारियों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
