🔳 जगह जगह दरका महत्वपूर्ण काकड़ीघाट द्वारसौ मार्ग
🔳 जान जोखिम में डाल आवाजाही बनी मजबूरी
🔳 मोटर मार्ग के अस्तित्व पर भी मंडराया संकट
🔳 भारी भरकम बजट खर्च होने के बावजूद सड़क की दुर्दशा पर उठे सवाल
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से तमाम गांवों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण काकड़ीघाट – द्वारसौ मोटर मार्ग पर डामरीकरण में चार करोड़ रुपये से भी अधिक का बजट खर्च होने के बावजूद आवाजाही खतरनाक हो गई है। मोटर मार्ग के जगह जगह दरकने से सड़क के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। मोटर मार्ग के धंसने से गांवों के लोग जान हथेली पर रख आवाजाही को मजबूर हैं। भारी बजट खर्च होने के बाद भी सड़क की दुर्दशा से ग्रामीणों में नाराजगी है।
हाईवे से तमाम गांवों को जोड़ने वाले काकड़ीघाट द्वारसौ मार्ग पर ताड़ीखेत ब्लॉक के भैसोली , सिमोली, कारखेत, मनबजून, टनवानी, जाला समेत दर्जनों गांवों के लोग आवाजाही करते हैं। गांवों के किसान भी इसी मार्ग से उपज को हाईवे तक पहुंचाते हैं जहां से फिर उपज बड़ी मंडियों को भेजी जाती है। बीते दिनों हुई बारिश से मोटर मार्ग के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। जगह जगह धंसने से मोटर मार्ग पर तीन महीने पहले हुआ डामरीकरण भी खतरे को जद में आ गया है। खतरा बढ़ने से ग्रामीण जान हथेली पर रख आवाजाही को मजबूर हो चुके हैं। मोटर मार्ग पर धियोली, अल्मियाकाडे, चौना, जाला आदि क्षेत्रों में आवाजाही बेहद ख़तरनाक हो चुकी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया की डामरीकरण के समय भी यदि धंसाव वाले क्षेत्रों का ध्यान दिया गया होता तो खर्च किया गया बजट बर्बाद नहीं होता। लोनिवि ने दरारों पर मलबा डाल खतरा कई गुना बढ़ा दिया है। कभी भी बड़ी अनहोनी सामने आने का अंदेशा बना हुआ है। गांवों के लोगों ने जल्द मोटर मार्ग की हालत में सुधार किए जाने की मांग उठाई है। लोनिवि के सहायक अभियंता केजी गोस्वामी के अनुसार धंसाव वाले स्थानों पर अस्थाई उपचार किया गया है। मरम्मत के लिए जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
